नीमकाथाना (सीकर)। पार्षदों ने शहर में बिना मंजूरी बन रहे बहुमंजिला भवनों पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। विपक्ष के नेता महेंद्र गोयल ने भास्कर में छपी खबर का हवाला देते हुए अखबार की प्रतियां लहराई। पार्षद जेपी लोढ़ा, छगनलाल गुर्जर, होशियारसिंह लांबा, जयचंद डागी ने शहर में बिना स्वीकृति हो रहे बहुमंजिला भवनों पर कार्रवाई की मांग की।
पालिकाध्यक्ष त्रिलोक दीवान ने लिखित में पार्षदों का प्रस्ताव मिलने पर चर्चा के लिए स्वीकृति जारी की। चर्चा के दौरान पार्षदों ने ईओ पर मनमर्जी से काम करने के आरोप लगाए।
पालिकाध्यक्ष त्रिलोक दीवान ने सदन को बताया कि ईओ आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं। मनमर्जी से फैसले ले रहे हैं। अवैध निर्माण के मामले में तीन बार लिखित में आदेश देने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व में ऐसे भवनों को सीज करने के आदेश भी दिए थे। पार्षद जयप्रकाश लोढ़ा, जयचंद डांगी, उपाध्यक्ष राजेंद्र महरानियां ने आदेश नहीं मानने पर ईओ के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव रखा। बोर्ड ने सर्वसम्मति से ईओ से मामले में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।
पालिकाध्यक्ष ने कहा, ईओ नहीं मानते आदेश: पालिकाध्यक्ष त्रिलोक दीवान ने सदन में बताया कि अवैध निर्माणों को लेकर पांच दिसंबर को जमादारों से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद नौ जनवरी को दूसरा पत्र लिखकर कार्रवाई का ब्यौरा पेश करने व कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। दीवान ने कहा कि ईओ से मामले में तीन दिवस में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। इससे पूर्व वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए 14 करोड़ 98 लाख सात हजार रुपए के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। पार्षद महेंद्र गोयल ने बजट प्रस्तावों में भूमि विक्रय के प्रावधान पर सवाल उठाए। बैठक में शहर के विकास को लेकर पार्षदों ने अपने-अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। शहर की सफाई व्यवस्था, आवारा पशुओं, अतिक्रमण को लेकर बैठक में सदस्यों ने चर्चा की।
रींगस: खाटू मेले में व्यवस्था का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
बाबा श्याम के लक्खी मेले में सफाई, रोशनी, सुरक्षा व क्षतिग्रस्त सड़कों को सही कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से रखा गया। पार्षदों ने बताया कि रींगस में बाबा श्याम का प्राचीन मंदिर है। लोग रींगस में श्याम बाबा के दर्शन कर खाटूश्यामजी जाते हैं। करीब तीन वर्ष से बाईपास व भैरूंजी मोड़ से श्रद्धालुओं का रींगस में प्रवेश बंद कर सीधे खाटूश्यामजी भेजा जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं का रींगस में प्रवेश के साथ दर्शन व्यवस्था करवाई जाए।