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पूर्व विधायक बेटे को जेल, अब होगी जमानत अर्जी पर सुनवाई

7 वर्ष पहले
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सीकर. रींगस के एचएसबी एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से फर्जी परमिट पर एक लाख 20 हजार बल्क लीटर स्प्रिट परिवहन कर ले जाने के मामले में गिरफ्तार बड़ी सादड़ी के पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, उनके बेटे संजय चौधरी सहित चार आरोपियों को कोर्ट ने शनिवार को जेल भेज दिया।

पूर्व विधायक व उनके बेटे ने मध्यप्रदेश के मंदसौर निवासी हरीश विजयवर्गीय, कोमल बाफना के साथ शुक्रवार को समर्पण किया था। उसके बाद इनको पूछताछ के लिए आबकारी को एक दिन के रिमांड पर सौंपा गया था और उसी वक्त जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी।आबकारी सीआई श्रीमाधोपुर घनश्याम शर्मा ने बताया चारों आरोपियों को नीमकाथाना जेल भेज दिया है।

एसीजेएम द्वितीय न्यायालय में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद शनिवार को एडीजे कोर्ट श्रीमाधोपुर में इनकी जमानत अर्जी लगाई गई थी। वहां पर जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई और मामला जिला एवम सेशन न्यायालय में भेज दिया गया।
डीजे कोर्ट ने मामले को एडीजे क्रम 1 के पास भेज दिया। गौरतलब है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल कार्यकारी निदेशक उदयपुर निवासी ललित सुवालका ने भी पिछले दिनो कोर्ट के समक्ष सरेंडर किया था जिसकी बाद में एडीजे न्यायालय ने जमानत मंजूर कर ली थी।

ये था मामला

अजीतगढ़के एग्रो बायोटेक एवं रींगस में बड़ी सादड़ी के पूर्व कांग्रेस विधायक प्रकाश चौधरी उनके बेटे संजय चौधरी की साझेदारी वाली एचएसबी एग्रो फैक्ट्री से 2010 में फर्जी परमिट पर मेघालय के शिलोंग के लिए स्प्रिट का परिवहन किया गया था। स्प्रिट के परमिट जांच की गई तो फर्जी पाए गए।
इस पर आबकारी विभाग ने 2011 में निदेशक मंडल में शामिल पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी सहित 23 जनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत स्प्रिट को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज करवाया था। बाद में दोनों डिस्टलरी पर 40 करोड़ का जुर्माना लगाया गया, जिसमें रींगस डिस्टलरी पर आबकारी विभाग ने 18 करोड़ रुपए का जुर्माना किया था। यह जुर्माना जमा करवा दिया गया था।