चार साल में भी नहीं बना खनिज भवन, ठेकेदार को सिर्फ नोटिस
उपखंडमुख्यालय पर खनिज विभाग कार्यालय के लिए भवन निर्माण का कार्य चार साल में भी पूरा नहीं हुआ। डेडलाइन निकले ढाई साल से ज्यादा हो गए। अभी भी काम अधूरा पड़ा है, इसके बावजूद निर्माण विभाग ने कार्रवाई के नाम पर संबंधित ठेकेदार को महज नोटिस देकर खानापूर्ति कर ली। जबकि खनिज विभाग परेशानी के साथ प्रतिवर्ष हजारों रुपए किराए के बतौर भुगत रहा है।
चित्तौड़गढ मार्ग पर खनिज विभाग भवन निर्माण के लिए वर्ष 2012 में 93.51 लाख रुपए बजट मंजूर हुआ। पीडब्ल्यूडी के माध्यम से निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया के बाद 19 जून, 2012 को ठेकेदार को वर्क आर्डर दिया गया। जुलाई में काम शुरू हो गया, लेकिन इसके साढ़े तीन वर्ष बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया। तय शर्तों के अनुसार निर्माण जुलाई, 2013 में ही पूरा कर खनिज विभाग को सौंप दिया जाना था, लेकिन इसके ढाई साल बाद तक भी काम पूरा नहीं हुआ।
^ठेकेदार द्वारा कार्य फरवरी में पूर्ण कर लिया जाएगा। भौतिक सत्यापन करते हुए माह के अंत तक संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा। राजेंद्रमुणेत, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
हमने नोटिस दिए, जवाब नहीं आए
^निर्धारितसमय में काम पूरा नहीं करने पर ठेकेदार को नोटिस दिए थे। उसने कोई जवाब नहीं दिया। निर्माण में विलंब उसी की जिम्मेदारी मानते हुए पुरानी कम दर पर ही कार्य पूरा करना होगा। लागत राशि में बढ़ोतरी नहीं की है। कैलाशआचार्य, एईएन, पीडब्ल्यूडी निम्बाहेड़ा
लाखों रुपए किराया दिया
खनिजविभाग का कार्यालय आठ साल से जिस भवन में चल रहा है, उसका किराया प्रति माह 6500 रुपए है। यदि विभाग का भवन तय सीमा 2013 में बन जाता तो उसे अब तक करीब दो लाख रुपए से अधिक की बचत हो जाती।
जगह कम है
^वर्तमानमें आदर्श कॉलोनी स्थित किराए के भवन में कम जगह होने के कारण कार्यालय संचालित करने में परेशानी भी हो रही है। भवन सुपुर्द होते ही हम कार्यालय को शिफ्ट करने को तैयार हैं। राजेशहाड़ा, सहायक खनि अभियंता, निम्बाहेड़ा
यह काम बंद
वर्तमानस्थिति में भवन में खिड़की-दरवाजे, रंगरोगन का कार्य हो चुका है, पर बाहर खुले परिसर का समतलीकरण शेष है। वेलकम बोर्ड के पास से भवन पहुंचने वाले 500 मीटर कच्चे मार्ग को भी डामरीकृत किया जाना है।
निंबाहेड़ा | खनिजविभाग का निर्माणाधीन कार्यालय।