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मानस्तंभ प्रतिष्ठा महोत्सव की धूम, मंगल कलश स्थापित
आचार्य इन्द्रनंदी महाराज आर्यिका आदिमति माताजी, मुनि मार्दवनंदी महाराज, आर्यिका गरिमामती , गंभीरमति माताजी, आर्यिका कमलश्री माताजी, क्षुल्लक नय सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में चल रहे जिन बिम्ब पंचकल्याणक एवं मानस्तम्भ प्रतिष्ठा महोत्सव में शनिवार को नव निर्मित विशाल 35 फीट ऊंचे मानस्तम्भ का शुद्धिकरण किया गया।
प्रचार-प्रसार समिति के सुनील भाणजा हेमन्त चवरिया ने बताया कि मुख्य पांडाल को हस्तिनापुर का नाम दिया गया जहां से जुलूस के रूप में पदमचन्द दिनेश कुमार पीपलू स्वर्ण कलश में क्षीर सागर से जल लेकर गजराज पर विराजमान होकर अग्रवाल मंदिर पहुंचे। जहां पर मानस्तम्भ का शुद्धिकरण किया गया इससे पूर्व मुख्य पांडाल में सुबह प्रतिष्ठाचार्य पं. सुधीर मार्तण्ड उदयपुर के निर्देशन में नित्य अभिषेक के पश्चात सौधर्म इन्द्र सन्मति चंवरिया ने भगवान की शांतिधारा एवं मंडप पर प्रतिष्ठा कर मंगल कलशों की स्थापना की। उसके बाद महायज्ञ मंडल में तीन चौबीसी पंच परमेष्ठि की आराधना की गई। महोत्सव में सभी इन्द्र -इन्द्राणियों के द्वारा सीमान्तनी की क्रियाएं की गई। दोपहर में सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से तीर्थंकर की माता की पंच मेवों से गोद भराई की गई।
इस दौरान समाज के पदमचन्द पहाड़ी, मोहनलाल चवरिया, कजोड़मल सैदरिया, सुरेश भाणजा, विष्णु बोहरा, महावीर पराणा, नेहरू बड़ागांव, अनिल पहाड़ी, शिखरचंद सिरस, दिनेश गिंदोड़ी, महेन्द्र चंवरिया, अशोक डारडा, रमेश गिंदोड़ी, नवरतन टोंग्या, विमल भाणजा सहित अनेक लोग मौजूद थे। सांयकाल इन्द्र लोक इन्द्र का भव्य दरबार सजाया गया जिसमें अनेक देश के राजाओं द्वारा तत्व चर्चा करने का मंचन किया गया। समिति के पवन बोहरा ने बताया कि माता हीरा देवी ने रात्रि में सोलह स्वप्नों का महाराज विश्वसेन से निवेदन कर उनका फल का वर्णन किया। 56 कुमारियों द्वारा नृत्य किया गया एवं माता की सेवा की गई। इन पर धनपति कुबेर ने र|ों की वर्षा की। 8 फरवरी को भगवान के जन्म कल्याणक के अवसर पर विशाल ऐतिहासिक जुलूस निकाला जाएगा।
जुलूस में सबसे आगे नौबत-नगाड़ा, शहनाई वादन, राजस्थानी मसक बाजा, पंजाब बैण्ड नई दिल्ली, दयोदय ग्रुप घोष टीकमगढ़ मध्यप्रदेश, विधा पूर्ण जैन महिला घोष बारा, जय जिनेन्द्र महिला घोष बैण्ड देवली, णमोकार महिला मंडल घोष बैण्ड निवाई सहित अनेक बैण्ड आकर्षण का केन्द्र होंगे। जुलूस में 21 हाथियों पर इन्द्र-इन्द्राणियां विराजमान रहेंगे। इसके अलावा धनपति कुबेर सबसे आगे र|ों की वर्षा करते हुए चलेंगे तथा सौधर्म इन्द्र-इन्द्राणी तीर्थंकर बालक को गोद में लेकर नगर की परिक्रमा लगाएंगे।
निवाई. पंचकल्याणकमहोत्सव के अवसर पर शनिवार को मानस्तम्भ की पूजा कर शुद्धिकरण करते श्रद्धालु