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भगवान पार्श्वनाथ का नगर भ्रमण

7 वर्ष पहले
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निवाई | आर्यिकागरिमामति गंभीरमति माताजी एवं नय सागर महाराज के सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य सूरजमल बाबाजी के चैत्यालय का वार्षिकोत्सव अनेक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया। जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौला राकेश संघी ने बताया कि वार्षिकोत्सव को लेकर सुबह भगवान शांतिनाथ, पार्श्वनाथ, आदिनाथ महावीर भगवान की सामूहिक पूजा अर्चना के साथ 64 रिद्धि विधान का आयोजन किया गया। तत्पश्चात मंडप पर 108 श्रीफल अर्ध्य समर्पित कर भगवान पार्श्वनाथ को पालकी में विराजित कर शोभाया़त्रा निकाली गई। पालकी में विराजमान भगवान को जैन समाज के घरों के बाहर से नगर भ्रमण करवाया गया। नगर भ्रमण के समय जैन समाज के लोगों ने अपने घरों के बाहर भगवान पार्श्वनाथ की आरती उतारी तथा अग्रवाल धर्मशाला में भगवान पार्श्वनाथ का अष्ट द्रव्य से पूजन कर सामूहिक कलशाभिषेक किया गया। जिसमें श्री जी की माला पहनने का सौभाग्य रमेशचंद सुशीलकुमार जैन को मिला। इसी तरह श्री दिगंबर जैन नसिया मंदिर का वार्षिक समारोह आयोजित किया गया जिसको लेकर शनिवार की देर शाम भगवान शांतिनाथ का सामूहिक कलशाभिषेक किया गया। वार्षिकोत्सव को लेकर जैन नसियंा चैत्यालय में जैन भजनसंध्या का आयोजन किया गया जिसमें कलाकार सौभागमल सौगानी ,विमल जौला ,अजीत काला,राकेश संघी विमल सौगाणी ने भजन प्रस्तुत किए

पदमपुराके लिए पदयात्रा रवाना

निवाई | पदमपुरापदयात्रा संघ के तत्वावधान में श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से शनिवार को बाड़ा पदमपुरा के लिए पदयात्रा गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई संघ के विजय बिलाला ने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ क्षेत्रपाल बाबा के श्रीफल चढाकर ध्वज पूजन के बाद पदयात्री आर्यिका गरिमामति गंभीरमति माताजी एवं नय सागर महाराज से आर्शीवाद लेकर रवाना हुए पदयात्रा के जुलुस में पदयात्री नाचते- गाते चल रहे थे विमल जौला ने बताया कि पदयात्रा का रात्रि विश्राम जैन नसिया चाकसू में होगा पदयात्री रविवार की सुबह पदमपुरा पहुंचकर भगवान पदमप्रभू के दर्शन करेगें जहां कलशाभिषेक कर मुनि प्रसन्न सागर महाराज पीयूष सागर महाराज के दर्शन करेगें

सत्पुरुषोंका करें संग

पीपलू | डूसरीगांव में चल रही भागवत कथा में शनिवार को आचार्य बद्रीनारायण शास्त्री ने कहा कि अंधेरी गुफा में जब मोमबत्ती का प्रकाश होता है तो अंधेरे का नाश नहीं होता, बल्कि अंधेरा स्वयं प्रकाश हो जाता है। उसी त