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घर-घर में घट स्थापना आज

7 वर्ष पहले
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जिलेभरमें शारदीय नवरात्र गुरुवार से शुरू होंगे। देवस्थानों घरों में शुभ मुहूर्त में घटस्थापना होगी तथा देवी के नौ स्वरूपों की पूजा शुरू होगी। पहले दिन देवी के पहले स्वरूप मां शैल पुत्री की पूजा की जाएगी। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कुष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें नवें दिन मां महागौरी मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी। इस बार अष्टमी नवमी तिथि एक ही दिन रहेगी। तिथि का क्षय होने से नवरात्र आठ दिनों के होंगे। वहीं अपराह्न व्यापिनी होने के कारण दशमी तिथि भी नवमी तिथि में ही रही। 3 अक्टूबर सुबह 9:59 बजे तक महानवमी है। उसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। इसी दिन विजयादशमी मनाई जाएगी। देवी भक्त संपूर्ण नवरात्र उपवास रखेंगे। उपवास रखने वाले भक्त नवमी पर कुल देवी की पूजा कर कन्याओं को भोजन कराएंगे। नवरात्र के अवसर पर शहर के प्राचीन कंकाली माता, आरएसी पुलिस लाइन माताजी मंदिर, बनास पुल के मां वैष्णो देवी मंदिर, राष्ट्रीय राजमार्ग 12 के स्वर्ण दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न दैवीय मंदिरों में देवी के स्वरूपों की फूल झांकी सजाई जाएगी। मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, हनुमान मंदिरों में अखंड़ रामायण पाठ, सुंदरकांड का पाठ शुरू होगा।

अलीगढ़| कस्बेसहित तहसील क्षेत्र में नवरात्र स्थापना के अवसर मंदिरों घरों में घटस्थापना होगी। कस्बे के खेड़ली बालाजी, डींग के बालाजी, यज्ञ के बालाजी, रामतलाई के बालाजी, वनखंडी बालाजी फलौदी क्वारी, पांचोलास के गोयला बाबा मंदिर, चौरू में कंकाली माता मंदिर में झांकी सजाई जाएगी। मंदिरों में रामायण पाठ का शुरू होंगे। क्षेत्र के चौंरू, पचाला, बिलोता, खोहल्या, पाटोली, गांवों के मंदिरों में भी नवरात्र स्थापना के साथ धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

निवाई| शहरमें गुरुवार को घर-घर घटस्थापना की जाएगी। नवरात्र के पावन अवसर पर गणगौरी बाजार के श्री महाकाली कंकाली माता मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। नवरात्र की पूर्व संध्या पर माताजी मंदिर को सजाया गया है। मंदिर के पीछे रक्तांचल पर्वत पर भी रोशनी की गई है। इसी प्रकार शहर के बड़ा बाजार के चारभुजानाथ मंदिर, बावड़ी वाले बालाजी, मोरिया वाले बालाजी, विश्वशांति आश्रम, श्रीराम सत्संग भवन, भगवान गौरीशंकर महादेव मंदिर, श्री चिंताहरण गणेश मंदिर, कृषि मं