पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दिनभर कोहरा बूंदाबांदी

दिनभर कोहरा बूंदाबांदी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिलेके कई हिस्सों में हल्की फुहार एवं कोहरे ने सभी को ठिठुरा के रख दिया है। वहीं तापमान में आई गिरावट एवं बदले इस मौसम का असर फसलों के लिए अमृत माना जा रहा है।

जिले में रविवार को तापमान 12 डिग्री तक रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे तथा कई क्षेत्रों में सुबह कोहरे के साथ हल्की फुहारें गिरीं। सुबह कोहरे के कारण वाहनों की लाइटें जलानी पड़ीं, वहीं लोग रविवार का अवकाश होने के कारण दोपहर तक घरों में ही छुट्टी का आनंद लेते नजर आए। रविवार के कारण जहां कारोबार सुस्त रहा, वहीं सर्दी से भी दिनभर बाजारों में रौनक कम रही। कई लोगों ने पकवान का लुत्फ उठाया तो कई ने अलाव का सहारा लिया। कृषि अधिकारी दिनेश कुमार बैरवा का कहना है कि जिले में तापमान में गिरावट एवं नमी गेहूं, चने एवं पछेती सरसों के लिए लाभदायक है। ऐसा मौसम दो तीन दिन तक रहता है तो ये अगती सरसों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उसमें रोग लगने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। जिले में तापमान अधिकतम 22 एवं न्यूनतम 12 तक रहा। तापमान में इतने अंतर के कारण सर्दी जुकाम, बुखार की शिकायतें भी बढी़ं, जिसके कारण अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले अधिक रही।

बनेठा|उपतहसीलमुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में रविवार को लगातार दूसरे दिन कोहरा छाने से ठंड बढ़ी। दोपहर तक भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। कई लोग तेज सर्दी के कारण रजाइयों में दुबके रहे। शाम तक बाजार सुनसान नजर आए बजारों में अलाव जलाकर दुकानदारों ने सर्दी से निजात पाई। सुबह आठ बजे तक ओस की बूंदें टपकती रहीं।

दूनी|मौसममें आए अचानक बदलाव के चलते रविवार को दिनभर कोहरा छाया रहा। शनिवार की रात हुई हल्की बूदाबांदी के कारण तेज सर्दी पड़ना शुरू हो गई।

फसल के लिए सर्दी लाभकारी

टोंक| सर्दीके मौसम में अधिक सर्दी पड़ना रबी फसलों के लिए फायदेमंद रहती है। दिन में धूप तथा रात में सर्दी पड़ने से पौधों की अच्छी सेहत बन रही है। इससे पौधों की वृद्धि अच्छी होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान रबी फसलों की पौध वृद्धि के लिहाज से उपयुक्त माना जाता है। गेहूं, चना सरसों को 25 से 30 डिग्री के बीच तापमान सही रहता है। इसी तरह वातावरण में 40 प्रतिशत तक नमी होने पर पौधे की वृद्धि तेज गति से होती है। रबी की फसलें अभी बढ़वार अवस्था में है। इससे किसान भी खुश हैं। कृषि विभाग के अधिका