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जिंसों के वाजिब मूल्य के िलए उपयुक्त विपणन आवश्यक

7 वर्ष पहले
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कृषिविज्ञान केन्द्र वनस्थली विद्यापीठ में चल रहे प्रौद्योगिकी सप्ताह के दौरान राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान जयपुर के सहयोग से कृषि विपणन में महिलाओं की जागरूकता विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. नीतू भगत ने कृषि विपणन में महिलाओं की प्रशिक्षण आवश्यकता के मूल्यांकन पर जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक समाज की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए फसल उपज का वाजिब मूल्य प्राप्त करने हेतु फसलोत्तर प्रबन्धन, भण्डारण, मूल्य संवर्द्धन, मानकीकरण एवं उपर्युक्त पैकिंग की आवश्यकता होती है। भारतीय कृषि कार्यों में महिलाओं की अग्रणी भूमिका है अतः विपणन एवं प्रबन्धन का कौशलयुक्त ज्ञान आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि खाद्यान, दलहन एवं फल सब्जियों के मूल्य संवर्द्धन को कृषि विज्ञान केन्द्र में प्रशिक्षण लेकर उद्यमिता विकास से जोड़ा जाना चाहिए। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान दौर की खेती में पैदा की गई कृषि जिन्सों का कृषकों को उचित मूल्य प्राप्त होने में कृषि विपणन का बहुत बड़ा योगदान होता है। खेती में अच्छी पैदावार होने के बावजूद कृषकों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता क्योंकि किसानों को फसल उत्पाद विधायन, मानकीकरण एवं विपणन आदि विषयों की पूरी जानकारी नहीं होती है।

दवाओं के प्रयोग पर जानकारी देते हुए डॉ. रामचरण यादव ने बताया कि फल, सब्जी एवं अनाज के उत्पादन एवं भण्ड़ारण के दौरान जैविक कीट एवं व्याधि नाशकों का प्रयोग किया जाना चाहिए। बंशीधर चौधरी ने कटाई उपरान्त प्रौद्योगिकी विषय पर बताया कि मण्डी में जिन्सों का अच्छा मूल्य प्राप्त करने हेतु फसलों की उपयुक्त अवस्था पर कटाई, मड़ाई, ग्रेडिग एवं न्यूनतम नमी स्तर पर भण्ड़ारण आवश्यक होता हैै।

डॉ. पंकज कुमार सारस्वत ने बताया कि अच्छी गुणवत्ता के फल, फूल, सब्जी एवं अनाज प्राप्त करने हेतु सभी फसलों का समन्वित पोषक तत्त्व प्रबन्धन आवश्यक होता है जिसमें मृदा परीक्षण के अनुसार उर्वरक प्रयोग, वर्मी कम्पोस्ट एवं वर्षा के मौसम में खेती में हरी खाद की बुवाई एवं उपयुक्त अवस्था पर पलटाई आवश्यक होती है। डॉ. रागिनी मिश्रा ने फल, सब्जियों एवं अनाजों के मानव आहार में इनकी उपयोगिता पर जानकारी दी। तुलसी देवी मीणा पूर्व प्रधान मूण्डि़या ने महिला कृषकों को कृषि विपणन से सम्बन्धित ज्ञान को अपने प्रयोग में लाने को कहा।

निवाई. कृषिविज्ञान केन्द्र वनस्थली में महिलाओं को प्रशिक्षण देते वैज्ञानिक