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महापुरुषों के रास्ते पर चलें तो कल्याण संभव

7 वर्ष पहले
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पीलीबंगा. सच्चासेवक मन, वचन कर्म तीनों में ही पवित्र एवं एक समान होता है। ये बात निरंकारी मिशन के प्रबुद्ध विचारक संत पवन कुमार (नोहर) वालों ने रविवार को निरंकारी सत्संग भवन में निरंकारी सेवादल द्वारा 67वें संत निरंकारी संत समागम के सफल आयोजन के उपलक्ष्य में क्षमा याचना दिवस के रूप में आयोजित कार्यक्रम में कही। सेवादल के सदस्यों द्वारा शारीरिक व्यायाम एवं खेलकूद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सेवादल रैली का आयोजन किया गया।

रैली को सेवादल के क्षेत्रीय संचालक मूलचंद त्यागी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सच्चा सेवक सेवा को किसी भी दायरे में नहीं बांधता बल्कि सभी संकीर्णताओं से ऊपर उठकर इंसान की सेवा करता है। संत ने फरमाया कि महापुरुषों, गुरुओं अवतारों के पदचिन्हों पर चलकर ही कल्याण संभव है। दिल विशाल होंगे तो तंगदिलियों से अपने आप मुक्ति मिल जाएगी।

एकता शक्ति है, मिन्नत कमजोरी। संत समागम को साधूराम निरंकारी, रक्षक आहूजा, वंदना कुमार, सेवादल के संचालक जगदीश गिरधर, सेवादल शिक्षक केवलकृष्ण सक्सेना आदि ने संबोधित किया। समागम के उपरांत लंगर का आयोजन किया गया।

संत पवन कुमार