हनुमानगढ़. पंचायत समिति के सरपंचों एवं विकास अधिकारी के बीच विवाद गहराता जा रहा है। विकास कार्यों पर रोक के विरोध में सरपंच यूनियन ने सोमवार से पंचायत समिति कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरने की घोषणा की है वहीं विकास अधिकारी अजीतसिंह राव का कहना है कि जिस बात को लेकर सरपंच आंदोलन की बात कर रहे वे कार्य पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जिस बकाया कार्यों को पूरा करने की मांग को लेकर आंदोलन करने की घोषणा की है जिनकी स्वीकृति सोमवार तक जारी कर दी जाएगी। 24 सितंबर तक ऐसे सभी कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ने निर्देशित किया हुआ है।
ऐसे में आंदोलन करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। विकास अधिकारी ने बताया कि सरपंचों ने बिना किसी पूर्व सूचना के ही आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा जिस कार्यों के भुगतान पर रोक लगाई हुई है उनमें घटिया अमानक सामग्री प्रयोग करने की शिकायत उप प्रधान रामकुमार स्वामी, सदस्य अमर सिंह पूनिया, हनुमान सिहाग सावत्री देवी ने की है। जांच पूरी होने तक भुगतान पर रोक लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं ने गत वर्ष बनाए गए नोहर पंचायत समिति में विश्रामगृह, जलघर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की मरम्मत किसान सेवा केन्द्र निर्माण कार्य में अमानक सामग्री लगाने की शिकायत की गई थी।
शिकायतकर्ताओं ने लेखाकार सहायक अभियंता पर मिलीभगत कर पंचायत समिति की बड़ी राशि का दुरुपयोग करने के आरोप भी लगाए थे। गौरतलब है कि सरपंचों ने पंचायत समिति में रुके हुए विकास कार्यों को सुचारू करवाने विकास अधिकारी का स्थानांतरण करने सहित पांच सूत्री मांग पत्र को लेकर सोमवार से पंचायत समिति कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।