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रक्षा सौदों में बिचौलियों को मिलेगा कानूनी दर्जा : पर्रीकर
कोयला खदानों की दोबारा नीलामी का रास्ता साफ
रक्षासौदों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार बिचौलियों को कानूनी दर्जा देने की दिशा में काम कर रही है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने शुक्रवार को बताया कि इस संबंध में जनवरी तक स्पष्ट नीति जाएगी। एक कार्यक्रम में प्रश्नों का जवाब देते हुए पर्रीकर ने कहा, \\\"ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जिन्होंने रक्षा सौदों में दलाल बनकर बड़ी-बड़ी कोठी बना ली। दलाली नहीं होनी चाहिए। साफ तौर पर पारदर्शी तरीके से भुगतान होना चाहिए। ढेरों मामले रुके हुए हैं। मेरे पास 2007 तक के मामले रहे हैं। ताज्जुब होता है कि फैसलों में इतनी देरी हो रही है। जितनी देरी होती है, उतना दलाली का मौका मिल जाता है।\\\' उन्होंने यह भी कहा, \\\"कोई एग्रीमेन्ट का उल्लंघन करे तो उस पर भारी दंड होना चाहिए। ताकि वह गलत करने से पहले सौ बार सोचे। अगर आपने उल्लंघन किया है, तो चार-पांच गुना पेनल्टी लगा दो। इसके ऊपर भी सुझाव लेंगे।\\\'
बहस का जवाब देते हुए कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कोल इंडिया के निजीकरण की आशंकाओं को निर्मूल बताया। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीयकरण को खत्म करने का अर्थ होता है कि निकाय के स्वामित्व या प्रबंधन को निजी हाथों में सौंपना। ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। हम कोल इंडिया को और मजबूत बनाना चाहते हैं।’
सरकार ने कहा-कोल इंडिया का निजीकरण नहीं होगा
जो जवान सीमा पर लड़ते हैं, उन्हें राहत मिले |रक्षामंत्री नेकहा, ‘जवानों के पास अच्छे उपकरण हों, हथियार हों, बूट हों, ताकि उन्हें भारी बर्फ में काम करते समय परेशानी हो। लोग कभी कमांड के बारे में शिकायत नहीं करते थे। लेकिन बूट के लिए हमेशा कहते थे। हम उम्मीद करते हैं कि जो जवान सीमा पर लड़ते हैं, उन्हें राहत मिले। हम जवानों के लिए अच्छे उपकरण और सहूलियत की बात कर रहे हैं।\\\'
पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से देने की जरूरत
रक्षामंत्रीने यह भी कहा, \\\"पाकिस्तान की हरकतों पर ईंट का जवाब पत्थर से देने की जरूरत है। हम कह सकते हैं गन का मुंह उधर घुमा दो। हमारी रणनीति में ये कॉन्सेप्ट रहेगा। लेकिन यही सॉल्यूशन नहीं है। पाकिस्तान को लेकर हम जानते हैं कि दबाव की जरूरत है। रास्ते और भी हैं। उन पर सरकार काम कर रही है। आप छह माह बाद खुद देखेंगे।\\\'
ईमानदाररहना हल नहीं है, गंदगी भी साफ करनी पड़ती है
पर्रीकरने सेना में भ्रष्टाचार के सवाल पर कहा, \\\"