हनुमानगढ़. रविवार को हुई बारिश का पानी सोमवार दूसरे दिन भी लोगों के लिए आफत साबित हो रहा है। कस्बे के निचले इलाकों में दो से तीन फीट पानी भरने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई सरकारी कार्यालय भी पानी की चपेट में है। बारिश का पानी घरों दुकानों में घुस जाने के कारण लोगों को बेहद मुश्किल रही है।
वहीं बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से नगर पालिका के दावे भी धरे रह गए। पानी निकासी के किसी भी प्रकार के प्रबंध नहीं किए जाने के कारण लोगों में काफी रोष देखा गया। सिंधी बाजार जनता अस्पताल के आस-पास की सैकड़ों दुकानें सड़क पर पानी जमा होने के कारण सोमवार को बंद रही। अनेक दुकानदारों ने बताया कि सड़क पर चार से पांच फीट तक पानी जमा होने के कारण वे दुकान नहींं खोल सके। उनका कीमती सामान पानी से खराब हो गया।
पानी निकासी के कोई प्रबंध नही होने की वजह से दुकानदार अपने स्तर पर ही पानी निकासी कर रहे हैं। जनता अस्पताल के अंदर पानी चला गया। इससे आवागमन ठप हो गया। जलदाय विभाग के मुख्य गेट पर पेड़ गिर जाने के कारण आवाजाही बंद हो गई। गौशाला पोस्ट ऑफिस की दीवारें गिर गईं। पुलिस थाना के समीप रेलवे अंडरपास सोमवार को भी पानी से भरा रहा, जिससे लोगो का आवागमन रुक गया।
धक्का बस्ती, सरदारपुरा बास, नेहरू नगर, बारिश का पानी यहां के भगवान महावीर पार्क में घुस गया। पार्क में चारों और पानी ठहरा हुआ है। इससे सुबह-शाम यहां टहलने के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महावीर पार्क पूरी तरह बारिश के पानी से भरा हुआ है। नगर पालिका ईओ पृथ्वीराज जाखड़ ने बताया कि जहां आवश्यकता है वहां पानी निकासी के लिए पंप लगाए गए हैं। जोहड़ का पानी पंपों से निकाला जा रहा है। दोपहर बाद तहसीलदार कपिल उपाध्याय ने पानी भरे इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
बहगई रेल पटरी की मिट्टी
तेज अंधड़ के साथ आई बारिश के पानी से रेल पटरियों के नीचे की मिट्टी भी पानी के साथ बह गई। यहां एनडीबी कॉलेज के निकट काफी दूरी तक रेल पटरियों के नीचे मिट्टी बह गई, जिससे पटरियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इसके अलावा अंडरपास को भी काफी नुकसान पहुंचा है।