बीकानेर। जिला प्रमुख की सीट पर एक बार फिर कांग्रेस का दबदबा कायम रहा। कांग्रेस की सुशीला सींवर जिला प्रमुख बनी। शनिवार को जिला परिषद में हुए मतदान में सुशीला सींवर को 17 मत मिले। भाजपा की जसोदा सारस्वत को 12 मत ही हासिल हुए। भाजपा के एक सदस्य ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया।
जिला परिषद के कुल 29 सदस्य हैं। मतदान के बाद कांग्रेस को 16 तथा भाजपा को 13 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को क्रॉस वोट का डर था इस कारण उसने पहले ही भाजपा में सेंधमारी का पुख्ता इंतजाम कर लिया था। लेकिन भाजपा अपने किले को सुरक्षित नहीं रख पाई। दोपहर तीन बजे मतदान शुरू हुआ। साढ़े तीन बजे कांग्रेस के 16 सदस्यों के भाजपा की 20 नंबर वार्ड की जिला परिषद सदस्य भादरा देवी भी वोट देने पहुंची। बाद में भाजपा के शेष 12 सदस्य एक साथ वोट डालने पहुंचे। मतगणना के बाद कांग्रेस की औपचारिक जीत घोषित हुई। उल्लेखनीय है कि 1980 से लेकर अब तक कांग्रेस के ही जिला प्रमुख बनते आए हैं।
उपजिला प्रमुख-उपप्रधान के चुनाव आज
उपजिला प्रमुख और सात पंचायत समितियों के उपप्रधान के चुनाव रविवार को होंगे। सुबह 10 से 11 नामांकन। साढ़े 11 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच। एक बजे तक नाम वापसी। उसके बाद चुनाव चिन्ह का आबंटन। जरूरत पड़ने पर दोपहर तीन से पांच बजे तक मतदान और फिर नतीजे घोषित किए जाएंगे।
जिले की सात पंचायत समितियों में नोखा, श्रीडूंगरगढ़, कोलायत और बीकानेर में भाजपा का प्रधान चुना गया जबकि पांचू, खाजूवाला और लूणकरणसर में कांग्रेस का प्रधान निर्वाचित हुआ।
बीकानेर पंचायत समिति : यहां भाजपा के पास प्रचंड बहुमत होने की वजह से निर्विरोध निर्वाचन हुआ। भाजपा की राधासियाग निर्विरोधप्रधान चुनी गई। कांग्रेस की ओर से कोई नामांकन नहीं हुआ। 21 सदस्यों की इस पंचायत समिति में भाजपा के 17, कांग्रेस के तीन तथा एक निर्दलीय जीता था।
नोखा पंचायत समिति : नोखा पंचायत समिति में भाजपा के कन्हैयालालप्रधाननिर्वाचित हुए। कुल 17 सदस्यीय समिति में भाजपा को नौ और कांग्रेस की कविता तर्ड को आठ मत मिले। मतदान के बाद भी भाजपा को नौ और कांग्रेस को आठ सीटों पर जीत मिली थी। यहां भाजपा को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा था क्योंकि ये नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी यहां से विधायक हैं।
पांचू पंचायत समिति : पांचू पंचायत समिति में कांग्रेस की मुन्नीदेवी कोआठ मत मिले और वे प्रधान चुनी गई। यहां बहुमत का आठ सदस्यों का आंकड़ा भाजपा के पास था लेकिन भाजपा के एक सदस्य ने कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। भाजपा नेता बिहारी लाल बिश्नोई की प|ी अलका बिश्नोई को प्रधान पद के लिए सिर्फ सात मत मिले।
लूणकरण सरपंचायत समिति : लूणकरण सरपंचायत समिति में कुल 23 सदस्य हैं। कांग्रेस ने 12 सीटें जीतकर बहुमत पहले ही हासिल कर लिया था लेकिन यहां भी भाजपा के एक और एक निर्दलीय सदस्य ने कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोट किया और कांग्रेस के गोविंदरामगोदारा को14 मत मिले। भाजपा के महावीर गाट को नौ वोट ही मिले जबकि यहां भाजपा के 10 सदस्य जीते थे।
श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति : श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में कुल 21 सदस्य हैं। यहां कांग्रेस के 11 तथा भाजपा के 10 सदस्य जीते थे लेकिन यहां भाजपा ने कांग्रेस को मात दे दी। मतदान के बाद भाजपा के रामलालको11 मत मिले और वे प्रधान चुने गए। कांग्रेस के मेघराज बारूपाल को 10 मत मिले। यहां कांग्रेस के एक सदस्य ने क्रॉस वोट किया।
खाजूवाला पंचायत समिति : खाजूवाला पंचायत समिति में कुल 15 सदस्य हैं। कांग्रेस के 11, भाजपा के तीन तथा एक निर्दलीय सदस्य चुने गए। कांग्रेस की सरिताको11 तथा निर्दलीय सोमपाल कौर को चार मत मिले। यहां भाजपा के पास एससी महिला उम्मीदवार नहीं होने की वजह से भाजपा ने निर्दलीय को समर्थन दिया था। नवनिर्वाचित प्रधान पूर्व संसदीय सचिव गोविंदराम चौहान की पुत्री हैं।
कोलायत पंचायत समिति : कोलायत में कुल 21 सदस्य हैं। भाजपा के 14 तथा कांग्रेस के सात सदस्य जीते थे। शनिवार को हुए चुनाव में भाजपा के जयवीरसिंह हाड़लां को14 तथा कांग्रेस के श्रवण राम को सात मत मिले। हाडलां सात मतों से जीत कर प्रधान चुने गए। यह सीट भाजपा ने कांग्रेस से छीनी है।
जिला परिषद कार्यालय में प्रमुख प्रत्याशी को वोट देने जाती सदस्य।
यूं समझें नतीजों के मायने
जिला प्रमुख
जिलाप्रमुख पद पर वर्चस्व की लड़ाई उम्मीदवारों के बजाय नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी और पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के बीच थी। दोनों ही पार्टियों में अंतरकलह थी मगर कांग्रेस ने इसे नियंत्रित कर लिया। भाजपा की एक सदस्य जीतने के बाद ही भाजपा की बाड़ेबंदी में नहीं पहुंची। जिला प्रमुख चुनाव में डूडी का दबदबा कायम रहा।
पंचायत समिति
नोखा और पांचू पंचायत समिति में भी भाजपा क्रॉस वोटिंग से डरी हुई थी। जैसे-तैसे नोखा में तो भाजपा बच गई मगर पांचू में क्रॉस वोटिंग को नहीं रोक पाई। पांचू में नेता प्रतिपक्ष डूडी ने भाजपा को मात दी लेकिन नोखा में डूडी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए।
जिला प्रमुख में भले ही पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी का दांव फेल हो गया हो मगर कोलायत और बीकानेर पंचायत समिति में उनका दबदबा कायम रहा। बीकानेर पंचायत समिति में सुमित गोदारा की भी भूमिका रही। कोलायत क्रॉस वोटिंग से बच गया और बीकानेर में निर्विरोध निर्वाचन हुआ। यहां कांग्रेेस के पास करने को कुछ नहीं था।
श्रीडूंगरगढ़ में कांग्रेस में सेंधमारी कर भाजपा ने अपना पलड़ा भारी किया। खाजूवाला में भाजपा के पास करने के लिए कुछ नहीं था। यहां गोविंदराम मेघवाल ने अपना पलड़ा भारी किया। लूणकरणसर में वीरेन्द्र बेनीवाल का मैनेजमेंट काम आया। निर्दलीय के साथ एक भाजपा के सदस्य ने भी उनके पक्ष में मतदान किया।
पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद चौतरफा सेंधमारी का खेल चला। दो दिन से बिछाई जा रही बिसात के पन्ने शनिवार को खुल गए। जिला परिषद से लेकर पंचायत समिति तक खुला क्रॉस वोटिंग का खेल चला।
जिला परिषद में भाजपा के एक सदस्य ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। भाजपा को पहले से एक सदस्य के क्रॉस वोटिंग करने से डर रही थी। नोखा-पांचू में भी क्रॉस वोटिंग से भाजपा चिंतित थी। नोखा में तो जैसे-तैसे बच गई मगर पांचू में भाजपा के एक सदस्य ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया।
इसी तरह लूणकरणसर में भाजपा का एक सदस्य कांग्रेस के पाले में जा बैठा। यहां कांग्रेस को एक निर्दलीय का भी सहारा मिल गया। तीन जगह कांग्रेस ने सेंधमारी की तो भाजपा ने भी श्रीडूंगरगढ़ में भाजपा ने कांग्रेस में सेंध लगा दी। यहां एक सदस्य ने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।