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आंगनबाड़ी केंद्रों पर खोले जाएंगे शिशु पालना गृह
राज्यके चिह्नित आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिशु पालना गृह खोले जाएंगे। कामकाजी महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए राज्य के लगभग सौ आंगनबाड़ी केंद्रों को शिशु पालना गृह के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।
आईसीडीएस निदेशालय स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिशु पालना गृह खोलने के संबंध में जिलेवार लक्ष्यों का आबंटन कर दिया गया है। योजना के मुताबिक बीकानेर संभाग में करीब 12 केंद्रों को शिशु पालना गृह के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के दो-दो और चूरू जिले के छह केंद्रों को शिशु पालना गृह के रूप में विकसित करने की योजना है। आईसीडीएस के निदेशक डॉ.पृथ्वीराज ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसके बाद जिला स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। विभाग के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि कौन-से दो केंद्रों को शिशु पालना गृह के रूप में विकसित किया जाए। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सोमवार को जयपुर में जिलेवार आईसीडीएस की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। बैठक में सभी जिलों के उपनिदेशकों को बुलाया गया है। नौ एजेंडों पर होने वाली चर्चा में नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने और वर्तमान आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने के लिए जिला स्तर पर परियोजनावार स्थिति रिपोर्ट की समीक्षा होगी।
^बीकानेर में शहरी क्षेत्र के दो आंगनबाड़ी केंद्रों को शिशु पालना गृह के रूप में विकसित करने के निर्देश प्राप्त हुए है। इसके लिए शहरी क्षेत्र के केंद्रों का सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे में चिह्नित दो केंद्रों को योजना के तहत विकसित किया जाएगा।\\\'\\\' प्रियंकागोस्वामी, उपनिदेशक,आईसीडीएस
बीकानेर में 311 नए केंद्र खोलने के प्रस्ताव
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बीकानेर जिले में 311 नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के प्रस्ताव मुख्यालय भेजे गए हैं। वर्तमान में जिले में 1477 केंद्रों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा कोलायत में 62, देशनोक में 11, बीकानेर शहरी क्षेत्र में 26, ग्रामीण में 84, लूणकरणसर में 57, नोखा में 18 और खाजूवाला में 53 नए केंद्र खोलने के प्रस्ताव मुख्यालय भेजे गए हैं।