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सरकार के खिलाफ काला फीता बांध कलेक्ट्रेट में बैठी कांग्रेस
सरकारके एक साल पर भाजपा ने जहां खुशियां मनाई वहीं कांग्रेस ने इसे कुशासन का एक साल बताते हुए काली पट्टियां बांधकर सांकेतिक धरना दिया। धरनास्थल पर नेताओं ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। शहर एवं देहात कांग्रेस के इस संयुक्त धरने में लंबे समय बाद जिले के लगभग सभी नेता एक मंच पर एक साथ दिखे। इन नेताओं ने जहां सरकार को जमकर कोसा वहीं पार्टी के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को एकजुट होकर जनहित में संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की। खासतौर पर पंचायत चुनाव से ठीक पहले हुए इस धरने पर देहात की राजनीति से जुड़े कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा अपेक्षाकृत अधिक रहा।
नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, पूर्व मंत्री डा.बी.डी.कल्ला, वीरेन्द्र बेनीवाल, विधायक भंवरसिंह भाटी, पूर्व महापौर भवानीशंकर शर्मा, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत, देहात अध्यक्ष लक्ष्मण कड़वासरा आदि की अगुवाई में हुए धरने पर सभा भी हुई। इस सभा में नेताओं ने राज्य में कानून व्यवस्था की हालत बिगड़ने का आरोप लगाते हुए कहा, महिला मुख्यमंत्री के कार्यकाल में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार शर्मसार कर रहे हैं। डकैती, जिंदा जलाने जैसी घटनाएं हो रही हैं। किसान, युवा, उद्यमी सहित हर वर्ग खुद काे ठगा महसूस कर रहा है।
धरने के बाद नेताओं ने आठ बिंदुओं का ज्ञापन कलेक्टर को दिया। राज्यपाल के नाम संबोधित इस ज्ञापन में बीकानेर के साथ सौतेले व्यवहार का जिक्र भी किया गया।
कांग्रेस के ज्ञापन में बीकानेर की बात
कलेक्ट्रेट पर काला फीता बांधकर धरने पर बैठे कांग्रेस पदाधिकारी।
> तकनीकी विवि बंद करना संभाग के छात्रों के भविष्य से खिलवाड़।
> शिक्षा निदेशालय को धीरे-धीरे साजिशपूर्ण तरीके से तोड़ा जा रहा है।
>सेटेलाइट हॉस्पिटल के लिए स्वीकृत 1.5 करोड़ रुपए निरस्त कर शहर के लोगों पर किया कुठाराघात।
>एडीबी से विकास के थर्ड फेज से बीकानेर को हटाया।
>सीवरेज के तीसरे चरण की स्वीकृति में देरी।
>पीबीएम हॉस्पिटल में चिकित्सा सेवाएं निजी हाथों में सौंपने की हो रही साजिश।
ये भी रहे सक्रिय
शहरकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जनार्दन कल्ला, बीकानेर पूर्व से चुनाव लड़ चुके डा.तनवीर मालावत, नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष मकसूद अहमद, सोमचंद सिंघवी, शशिकांत शर्मा, गोविंदराम मेघवाल, ताज खां, भोमराज आर्य, बिशनाराम सियाग,