शिकार रोकने के लिए बढ़ेगी गश्त
क्षेत्र में दिनों-दिन बढ़ते वन्य जीव हिरण शिकार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को जीव रक्षा संस्था द्वारा पांचू थाना परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपवन संरक्षक रामनिवास कुमावत वन्य जीव बीकानेर, निर्मल सक्सेना रेंज ऑफिसर नोखा, क्षेत्रीय वनाधिकारी वन्य जीव बीकानेर के भंवरलाल मीणा, पांचू एसएचओ सुभाषचंद्र, जीव रक्षा जिलाध्यक्ष मोखराम धारणिया, सरपंच रामचन्द्र सियाग, घेवरराम सियाग नाथूसर, जीव रक्षा तहसील अध्यक्ष महीराम दिलोइया आदि उपस्थित थे।
मोखराम धारणिया ने पिछले 22 दिनों में हिरण शिकार की चार घटनाओं की निंदा की। उन्होंने कहा कि पांचू सहित ढिंगसरी, बंधाला, धरनोक, सांईसर गांवों में वन मंडल के छह कर्मचारी नियुक्त है और वन्य जीवों की शिकार की घटना इन्हीं क्षेत्रों में हो रही है। उन्होंने इस मामले में कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया। नोखा वन क्षेत्र बड़ा होने के बावजूद भी क्षेत्र में आज तक विभाग के कर्मचारियों द्वारा गश्त नहीं जा रही है। साथ ही क्षेत्र में दिनोंदिन विलुप्त हो रहे पेड़-पौधों की कटाई पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए है।
बैठक में नोखा वन क्षेत्र की रक्षा के लिए 24 घंटे गश्त के लिए फारेस्ट गार्ड लगाने का प्रस्ताव आया।
उपवन संरक्षक रामनिवास कुमावत ने कहा कि नोखा क्षेत्र में वन्य जीवों की शिकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए एक गाड़ी उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही क्षेत्र में शिकार सहित वन कटाई की सूचना पर 24 घंटे कर्मचारी ड्यूटी देंगे। इसके लिए नोखा क्षेत्र को चार भागो में बांटा जाएगा। पांचू एसएचओ सुभाषचंद्र ने बताया कि वन मंडल के अधिकारियों सहित नियुक्त कर्मचारियों को पांचू क्षेत्र के बीट कांस्टेबलों की सूची मय मोबाइल नंबर उपलब्ध करवा दी जाएगी। इससे शिकार की घटना वाले क्षेत्र की सूचना वन मंडल के कर्मचारी पुलिस थाने पर तत्काल दे सकेंगे।
पांचू थाने में चर्चा करते अधिकारी, पुलिस समाजसेवी।