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दलित समाज 24 सितंबर को कलेक्ट्रेट पर करेगा प्रदर्शन

7 वर्ष पहले
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जिलाप्रशासन, नोखा नगर पालिका और सेठ राठी पर आपसी मिलीभगत कर संत धूणीनाथ नायक का आश्रम और गौरखनाथ का मंदिर तोड़ने का आरोप लगाते हुए दलित समाज ने आन्दोलन करने की घोषणा की है।

पूर्व संसदीय सचिव और दलित समाज के नेता गोविन्द मेघवाल ने सर्किट हाउस में पत्रकारों को बताया कि जिला प्रशासन, नोखा नगर पालिका और राठी स्कूल के सेठ ने 20 अगस्त को नोखा में संत धूणीनाथ नायक का आश्रम और गोरखनाथ का मंदिर कब्जा बताकर तोड़ दिया। मंदिर के पुजारी महावीरनाथ, धन्नाराम नायक के परिवार को बेघर कर दिया। ये परिवार महिनेभर से नोखा उपखंड कार्यालय के आगे बैठा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इससे दलित समाज में रोष है और एक्शन कमेटी ने आगामी 24 सितंबर को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। अगर सरकार ने दलित समाज की मांगे नहीं मानी तो आन्दोलन जारी रहेगा। कांग्रेस से खाजूवाला विधानसभा सीट पर चुनाव लड़े मेघवाल ने कहा कि यह आन्दोलन दलित समाज का है। दलितों का सच्चा हितैषी आन्दोलन में शामिल हो सकता है, फिर चाहे वह किसी भी दल का हो। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूर्व ग्रह एवं परिवहन मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल श्रीडूंगरगढ़ के पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा आन्दोलन में शरीक हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी विधानसभा में व्यस्त हैं, इसलिए उनसे संपर्क किया जा रहा है। मेघवाल का कहना है कि जिस भूमि पर कब्जा बताकर तोड़फोड़ की गई है, उसके संबंध में पर्याप्त साक्ष्य हैं और कोर्ट में भी रिट लगी है। धूणीनाथ का 1952 में पट्टा है और महाराजा गंगासिंह के समय गजधर द्वारा नक्शा तरमीम है। नगर पालिका और जिला प्रशासन को इसे तोड़ने का कोई अधिकार नहीं है।

ये हैं मांगे

> धूणीनाथ के आश्रम की स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत एक रुपए में पट्टा जारी किया जााए

> आश्रम तुड़वाने में शामिल अधिशाषी अधिकारी, नोखा नगर पालिका उपखंड अधिकारी सहित अन्य दोषी कर्मचारियों को निलंबित किया जाए। मामले की जांच उच्च अधिकारियों से करवाई जाए

> धूणीनाथ आश्रम गोरखनाथ पाबू मंदिर को सरकारी कोष से 50 लाख रुपए दिए जाएं जिससे कि आश्रम का उसी जगह निर्माण करवाया जा सके