बीकानेर। कांग्रेसजिला प्रमुख के बाद उप जिला प्रमुख की सीट भी अपनी झोली में डालने में सफल रही। इंदू देवी तर्ड उप जिला प्रमुख चुनी गई। लेकिन इस सीट को लेकर कांग्रेस में विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पद से वरिष्ठ नेता शिव कुमार व्यास ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी पुत्रवधु के लिए उप प्रमुख का पद मांगा था।
रविवार को उप जिला प्रमुख के लिए हुए मतदान में इंदू देवी को 16 तथा भाजपा के भूपेन्द्र सिंह को 13 मत मिले। इंदू देवी वार्ड 11 से जिला परिषद सदस्य चुनी गई हैं, जबकि भूपेन्द्र सिंह वार्ड आठ से। दोनों ही नोखा पंचायत समिति क्षेत्र से चुनकर आए हैं। सुबह 11 बजे तक दो ही नामांकन हुए। तीन बजे से मतदान हुआ।
चार बजे तक हुए मतदान के बाद मतगणना हुई जिसमें तर्ड को जीत मिली। कांग्रेस में उप जिला प्रमुख के पद को लेकर विवाद होने के कारण दोनों ही पार्टियों से एक-एक वोट क्रास होने के कयास लगाए जा रहे हैं। जिला उपाध्यक्ष शिव कुमार व्यास उर्फ भाइया महाराज ने अपनी पुत्र वधु राजकुमारी व्यास को उप प्रमुख बनाने की मांग की थी।
नवनिर्वाचित उप जिला प्रमुख इंदू तर्ड एवं समर्थन विजयी मुद्रा में।
भाजपा के पांच कांग्रेस के दो उपप्रधान बने
बीकानेर पंचायत समिति : बीकानेर पंचायत समिति में भाजपा की शिल्पागैदर उपप्रधान चुनी गई। रविवार को कांग्रेस ने इस पद के लिए भी कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। एक बजे तक सिंगल उम्मीदवार होने की वजह से उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। शिल्पा देहात भाजपा उपाध्यक्ष चंपालाल गैदर की पुत्रवधू हैं।
कोलायत पंचायत समिति : कोलायत पंचायत समिति में भी भाजपा की पुष्पा कंवर निर्विरोध उपप्रधान चुनी गई। 21 सदस्यीय समिति में कांग्रेस के सात सदस्य हैं मगर उपप्रधान के लिए कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। पुष्पाकंवर पाक विस्थापित नेता गुमान सिंह के परिवार से हैं।
श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति : देहात भाजपा अध्यक्ष रामगोपाल सुथार श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति के उपप्रधान चुने गए। शनिवार की तरह रविवार को भी कांग्रेस के एक सदस्य ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। भाजपा के 10 सदस्य थे और जीत के लिए 11 सदस्यों की जरूरत थी। कांग्रेस उम्मीदवार को 10 मत ही मिले।
खाजूवाला पंचायत समिति : खाजूवाला पंचायत समिति में याकूब खान उपप्रधान चुने गए। भाजपा के तीन सदस्य होने के कारण कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया। इस कारण दोपहर एक बजे याकूब को निर्विरोध उपप्रधान घोषित किया गया।
लूणकरणसर पंचायत समिति : लूणकरणसर पंचायत समिति में कांग्रेस के अजय कुमार गौड़ उपप्रधान चुने गए। रविवार को भी भाजपा के एक सदस्य ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। निर्दलीय भी एक सदस्य कांग्रेस के साथ गया। भाजपा के पुरखाराम को नौ मत ही मिले जबकि गौड़ को 14 मत मिले।
नोखा पंचायत समिति : नोखापंचायत समिति में भाजपा रावतमल पारीक उपप्रधान चुने गए। पारीक को 10 तथा कांग्रेस के भोमराज को सात वोट मिले। यहां कांग्रेस के एक सदस्य ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।
पांचूपंचायत समिति : शनिवार को कांग्रेस ने भले ही भाजपा में सेंधमारी की हो मगर रविवार को उपप्रधान में भाजपा ने अपनी बाड़ेबंदी संभाल ली। भाजपा की सीमा राजपुरोहित उपप्रधान चुनी गई। उन्हें आठ मत मिले जबकि कांग्रेस की रेवती मेघवाल को सात मत मिले।
जातिवाद के विरोध में दिया इस्तीफा : व्यास
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवकुमार व्यास उर्फ भाइया महाराज ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा देने के बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस को जातिवाद के हिसाब से चलाया जा रहा है। इसके विरोध में इस्तीफा दिया है। हम पार्टी में रहकर ऐसे लोगों का विरोध करेंगे क्योंकि पार्टी के भीतर लोकतंत्र खत्म हो रहा है।
हमने पार्टी को खड़ा किया है लेकिन कुछ लोग पार्टी को अपने हिसाब से चला रहे हैं। इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, देहात अध्यक्ष लक्ष्मण कड़वासरा नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी को भेजा है।
जिला परिषद के एक नंबर वार्ड से जीतीं भाइया महाराज की पुत्रवधु राजकुमारी व्यास का भी आरोप है कि कांग्रेस में जातिवाद के आधार पर जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख चुने गए हैं। गौरतलब है कि महाराज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय से खाजूवाला क्षेत्र में सक्रिय हैं।
भादरा देवी कांग्रेसी परिवार की है
नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी से बातचीत
Q. जिला प्रमुख में जीत की वजह क्या है।
भाजपा सरकार के एक साल की नाकामी के कारण हम चुनाव जीते हैं। जनता भाजपा से ऊब चुकी है।
Q.तो नोखा,पांचू, कोलायत और बीकानेर में कांग्रेस क्यों नहीं जीती।
यहां कुछ स्थानीय समीकरण ऐसे बन गए कि जिससे हमें नुकसान हुआ। कुछ जगह हम मैनेज नहीं कर सके।
Q.आप पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया जा रहा है।
भाजपा की भादरा देवी कांग्रेस परिवार की है। भाजपा ने उन्हें जबरदस्ती टिकट दिया था लेकिन जीतने के बाद वह कांग्रेस के पक्ष में आई।
हार की वजह सांसद और उनके पुत्र हैं, पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी से बातचीत।
Q. जिला प्रमुख और तीन पंचायत समितियों में हार की वजह क्या है।
हमने समीक्षा की है। हमारी हार की वजह हमारे सांसद और उनके पुत्र हैं। बात प्रदेश नेताओं तक पहुंचा दी गई है।
Q.आपकी पार्टी के सदस्य क्रॉस वोट कर गए।
मेरीमांग है कि पंचायती राज के तंत्र में बदलाव करना चाहिए क्योंकि इसने सबको बिकाऊ बना दिया। पैसे का खेल बहुत कुछ कर सकता है और क्या बोलें।
Q.एक साल बाद ही कोलायत में जीत, क्या मानते हैं।
कुछ योग भी काम करता है वरना हम धौलपुर में जाकर भी चुनाव लड़ा सकते हैं। कार्यकर्ताओं की फौज की वजह से ये जीत मिली है।