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वादे बार-बार, अमल नहीं सरकार

7 वर्ष पहले
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बीकानेर। सुराज संकल्प यात्रा। सरकार आपके द्वार। आम बजट। बीते डेढ़ साल में ये तीन ऐसे मौके आए जब सरकार ने हर बार बीकानेर के लिए कुछ न कुछ घोषणाएं की। खासतौर पर जब सरकार यहां 11 दिन आकर ठहरी तो हर दिन कुछ नई उम्मीदें जगाई। मसलन, मल्टी स्टोरी पार्किंग, कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग से निजात। शहर का ग्रीन सिटी के रूप में विकास और सूरसागर को पर्यटन का अनूठा केन्द्र बनाना। चिंता जताई- रवीन्द्र रंगमंच अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ। हम करेंगे। इसके लिए सोसायटी बनाएंगे। मल्टी परपज कैंपस के रूप में डवलप होगा। वादे हुए लेकिन अिधकांश कागजों में ही रहे।
घोषणाएं : जो अधूरी है
जिप्सम खनन | खातेदार को अधिकार खेत मालिक को अपने खेत में दबा जिप्सम खनन कर बेचने के अधिकार की घोषणा सरकार आपके द्वार में हुई। आवेदन लेलिए। इन आवेदनों पर कार्रवाई के लिए अभी तक कोई निर्देश नहीं।
पर्यटन| डेजर्ट सर्किट-हैरिटेज वाक : पांच शहरों बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, पाली, माउंटआबू व सांभर को जोड़ने वाला मेगा हैरीटेज डेजर्ट सर्किट बनाने की घोषणा हुई। बीकानेर में चार किमी हैरीटेज वाक बनाने का वादा। अब तक आगे नहीं बढ़ी बात।
सूरसागर | नहीं चल सकी नाव : मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर 2007 से अब तक 22 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी यह अपेक्षित रूप नहीं ले पाया। गंदा पानी रोकने के लिए हार्वेेस्टिंग सिस्टम विकसित नहीं हुआ। अब तक शुरू नहीं हुई बोटिंग।
सीवरेज | 215 किमी मंजूर, बनी इंच भी नहीं : बीकानेर दौरे पर आई सरकार ने गंगाशहर, भीनासर और परकोटे के भीतरी शहर में सीवरेज के बकाया काम को पूरा करने की घोषणा की थी। अभी तक सर्वे ही शुरू नहीं हुआ।
वेलोड्रम | सोसायटी ही नहीं बनी : साइक्लिंग वेलोड्रम और सार्दूल स्पोर्ट्सस्कूल के विकास की हुई थी घोषणा। इनके लिए बननी थी सोसायटी। विकास को बाद की बात अभी सोसायटी ही नहीं बनी।
शिक्षा | न कॉलेज खुले न संघटक बने : 5500 से ज्यादा छात्र होने पर नए कॉलेज की घोषणा हुई। डूंगर कॉलेज में 15 हजार छात्र, नहीं बने दो नए कॉलेज। एमएस व डूंगर कॉलेज को विश्वविद्यालय का संघटक बनाने का वादा भी नहीं हुआ पूरा।
हैरिटेज| नहीं खुला गंगाथियेटर : धरोहर विकास के लिहाज से गंगा थियेटर का पुनरुद्धार कर बहुपयोगी परिसर बनाने की हुई थी घोषणा। अब तक इस भवन का कब्जा ही सरकार को नहीं मिला है। इस रियासतकालीन थियेटर पर सालों से लगा है ताला।
अर्जी जनता की, मर्जी सरकार की
लंबित है 7492 आवेदन...: सरकार आपके द्वार से लेकर अब तक सरकार और प्रशासन को जनता की ओर से दिए गए आवेदन-शिकायतों में से 7492 पर अब तक कार्रवाई का हो रहा है इंतजार।
चाहिए खेत की खातेदारी... : प्रशासन के पास सर्वाधिक 2012 प्रकरण उपनिवेशन विभाग के लंबित है। इनमें भी सबसे ज्यादा मामले खातेदारी अधिकार के है। सरकार ने 15 एएए में खातेदारी की घोषणा कर दी। घोषणा के बाद अब तक लगभग 600 लोगों को ही मिला यह अधिकार।
केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय : सुराज संकल्प यात्रा में केन्द्रीय कृषि विवि की बात उठी। केन्द्र सरकार ऐसा एक विवि राज्य को देने की कर चुका है घोषणा। राज्य सरकार हामी भरें तो बीकानेर को मिले यह विश्वविद्यालय ।
हर वादा पूरा करेगी सरकार : रिणवा
बीकानेर के प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवा का कहना है, अभी वादों के मूल्यांकन का वक्त नहीं है। एक साल में सरकार चुनावों से गुजरते के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास में लगी रही। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सारे वायदे सोच-समझ पूरी योजना के साथ किए हैं। यहां के सूरसागर का जिस तरह कायाकल्प किया था वैसे ही बाकी वादे भी पूरा करेगी। यकीन रखिये, बीकानेर को महानगरों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देगी हमारी सरकार।
औद्यागिक : सिरेमिक हब
बजट में हुई थी घोषणा
- अभी तक जमीन भी नहीं हुई तय।
- हर साल 30 लाख टन वॉल क्ले बीकानेर से जाता है।
- इस कच्चे माल का बीकानेर में ही उपयोग होने की उम्मीद जगी।
- लगभग पांच हजार लोगों को रोजगार की संभावना ।
शहरी सौंदर्य : ग्रीन सिटी
सरकार आपके द्वार में हुई घोषणा
- ग्रीन सिटी बनाने की कोई कार्य योजना अब तक प्रशासन की ओर से नहीं बनाई गई।
- सरकार ने सिर्फ घोषणा की, इसके लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं।
- हरियाली कहां, कैसे विकसित करेंगे, इसके लिए जगह भी चिह्नित नहीं।
कला संस्कृति : रवीन्द्र रंगमंच
31 साल में नहीं बनी एक इमारत
- अधूरे रंगमंच को पूरा करने के लिए सरकार आपके द्वार के दौरान आर्किटेक्ट कार्लवाडिया को चार्टर प्लेन से बुलाया।
- बजट में सोसायटी बनाने की घोषणा की।
इंफ्रास्ट्रक्चर : मल्टीस्टोरी पार्किंग
कैबिनेट मीटिंग में की घोषणा

- सरकार आपके द्वार के दौरान कैबिनेट मीटिंग में की थी घोषणा।
- जिस रतन बिहारी पार्क में पार्किंग प्रस्तावित उस जमीन पर चल रहा कानूनी विवाद।
- सरकार नेकिया था वादा, प्रभावी व त्वरित पैरवी कर मूद्दा सुलझाएंगे, पार्किंग व्यवस्था करेंगे। फिलहाल स्थिति जस की तस।
- काम अब भी बंद है, सोसायटी का गठन ही नहीं हुआ।
परेशानी : आरओबी या आरयूबी : राह कब होगी आसान
- कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग पर जाम के हालात जस के तस।
- आरओबी बने या आरयूबी, इस विवाद का समाधान नई सरकार भी अब तक नहीं निकाल पाई है।
- सुराज संकल्प यात्रा के दौरान भी संभाग मुख्यालय के शहर में आरओबी या आरयूबी की जरुरतें जल्द पूरी करने का हुआ था वादा।
- कोर्ट ने भी समस्या सुलझाने का दिया निर्देश।
- 50 लाख रुपए 4500 पौधे लगाने का दावा।

...इधर शुरू हुआ काम नहर की सड़कें :
पीडब्ल्यूडी को ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन सुविधा बढ़ाने के लिए नहर की टूटीफूटी सड़कें पीडब्ल्यूडी को सौंपने की घोषणा हुई। इस पर नहरी क्षेत्र की 98.15 किमी लंबी छह सड़कें पीडब्ल्यूडी को सौंप दी गई। इन सड़को को सुधारने के लिए 27 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने का अभी इंतजार है।
छह मंदिर सजेंगे : संवेरेंगे देशनोक करणी माता, श्री लक्ष्मीनाथ जी, रतनबिहारी जी, नागणेचीजी, मुकाम, सालासर हनुमान जी मंदिर को सजाने- संवारने की घोषणा हुई। पुनरुद्धार से पहले मास्टर प्लान बनेगा। मास्टर प्लान के लिए साढ़े पांच लाख रुपए का बजट हुआ मंजूर। यह प्लान बनने के बाद ही इन मंदिरों पर प्रस्तावित खर्च सामने आएगा।
सुपर स्पेशियलिटी की प्रक्रिया शुरू : 150 करोड़ रुपए की लागत से स्वास्थ्य का सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनाने की घोषणा हुई। केन्द्र सरकार के सहयोग से बनने वाले इस सेंटर की जगह तय हुई। नक्शा बना। केन्द्र और राज्य दोनों ने मंजूरी दे दी। केन्द्र की एजेंसी ही इसका निर्माण शुरू करेगी।
सालती है यह कमियां
छीन लिया दिया हुआ तकनीकी विश्वविद्यालय : लंबे समय से उठती मांग के बाद 2012 के राज्य बजट में तकनीकी विश्वविद्यालय हुआ था घोषित। घोषणा के साथ ही इसे चालू भी कर दिया। कुलपति नियुक्त हो गया। छह माह तक उन्हें तनख्वा दी गई। जून में बीकानेर आई सरकार और यहां जाते ही बंद कर दिया तकनीकी विश्वविद्यालय।
एयरपोर्ट का उद्घाटन उड़ान नहीं: यूपीए की पहली सरकार में बीकानेर एयरपोर्ट की हुई घोषणा। दूसरी सरकार का कार्यकाल पूरा होने तक बना एयरपोर्ट। यहां हवाई सेवा शुरू करने के लिए राज्य सरकार से भी हुआ विचार-विमर्श। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एयर टर्मिनल का उद्घाटन भी कर दिया। उस बिल्डिंग पर अब ताला लगा है। बीकानेर के लोग कर रहे हैं हवाई सेवा का इंतजार । अब नए सिरे से इसके गठन का हो रहा है इंतजार।
मेगा फूड पार्क नहीं मिला : भुजिया, पापड़, रसगुल्ला, दुग्ध उत्पाद, नमकीन सहित बीसियों खाद्य उत्पादों के लिए ख्याति रखने वाले बीकानेर को मेगा फूड पार्क पूरी उम्मीद थी। पूर्ववती केन्द्र एवं राज्य सरकारों के सामने इस संबंध में तथ्यात्मक प्रस्ताव रखे गए। सोसायटी बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लामबंद किया गया लेकिन सकारात्मक नतीजा नहीं मिला।
काम कुछ नहीं, जश्न किस बात का : डूडी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और नोखा के विधायक रामेश्वर डूडी सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हैं। डूडी का कहना है, यह पहली सरकार देखी है जिसने पूरे एक साल कोई काम नहीं किया। हैरानी इस बात की है कि इसके बावजूद जश्न मना रही है। पता नहीं किस बात का जश्न है ये। बीकानेर ही नहीं पूरे प्रदेश में लच्छेदार बातें कर वोट ले लिए अब जनता परेशान हो रही है। सरकार का असली चेहरा सामने आता जा रहा है। विधानसभा उप चुनाव में लोगों ने सबक सिखाया था। अब पंचायत चुनाव में भी नकारेगी।