बीकानेर को अजमेर-पुष्कर से जुड़ने का इंतजार
पुष्करके ब्रह्मा मंदिर एवं ख्वाजा की दरगाह सीधे रेल से जाने का बीकानेरवासियों का सपना आज भी पूरा नहीं हुआ है। बीकानेर को अजमेर पुष्कर के साथ उदयपुर से जोड़ने का मुख्य मार्ग मेड़ता-पुष्कर रेल लाइन परियोजना है।
इस परियोजना की घोषणा हुए आज लगभग तीन साल हो रहे है लेकिन आज तक इसकी क्रियान्वित नहीं हुई। इस परियोजना को शुरू करने के लिए कई बार यहां के नागरिकों की आवाज उठाई लेकिन आज तक उनकी मेहनत रंग नहीं लाई। जब तक यह परियोजना शुरू नहीं हो जाती तब तक बीकानेर का यह सपना पूरा नहीं हा़े सकता। अजमेर पुष्कर का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ यहां आरपीएससी कार्यालय, रेवन्यू बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय स्थित है। ऐसे में इन दो स्थानों पर सभी धर्मों के श्रद्धालुओं के अलावा कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं व्यापारियों का भी आना-जाना लगा रहता है। लेकिन बीकानेर रेल मार्ग का सीधा अजमेर से जुड़ाव नहीं होने के कारण सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस लाइन के निर्माण के बाद बीकानेर का जुड़ाव उदयपुर संभाग से भी हो सकेगा। इसके अलावा अजमेर से लंबी दूरी की गाड़ियों का विस्तार बीकानेर तक हो सकेगा।
महिलाओं को बोझ के साथ इस तरह पार करना पड़ता है प्लेटफार्म।
रेलवे जीएम आज बीकानेर में
उत्तरपश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) अनिल सिंघल शुक्रवार को बीकानेर का दौरा करेंगे। वे सूरतगढ़ से बीकानेर के बीच के स्टेशनों का निरीक्षण करेंगे। जीएम सिंघल शाम को बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे तथा यहां के रेल सलाहकार एवं जनप्रतिनिधियों से रेलवे समस्याओं एवं सुविधाओं पर चर्चा करेंगे। सीनियर डीसीएम सी.आर.कुमावत ने बताया कि महाप्रबंधक शाम 5.30 बजे बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। इसे पूर्व वे सुबह 8.50 सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद बिरदवाल, महाजन, लूणकरणसर, धीरेरा, जगदेववाला, लालगढ़ स्टेशन का निरीक्षण करते हुए शाम को बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे।
एस्कलेटर मशीन लगे तो मिले बुजुर्गों को राहत
बीकानेररेलवे स्टेशन पर एक्सलेटर मशीन नहीं होने से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा समस्या बुजुर्गों को होती है। हालांकि रेलवे प्रशासन बीकानेर स्टेशन पर एक्सलेटर मशीन लगाने के लिए प्रयासरत है तथा इस वर्ष लगाने का दावा भी कर रहे हैं। लेकिन जब तक यह मशीन लग जाती जब तक यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए मजबूरन सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।
यह मांगे आज भी नहीं
हुई पूरी
}बीकानेर में संरक्षा के पदों सहित रेलवे में वर्षों से खाली पड़े पदों पर भर्ती।
} बीकानेर-डेगाना के बीच पैसेंजर गाड़ी शुरू हो।
} बीकानेर लालगढ़ रेलवे स्टेशन के साथ ही लूणकरणसर, कोलायत, नोखा, श्रीडूंगरगढ़, महाजन आदि रेलवे स्टेशनों का पूरा विकास।
} बीकानेर का अजमेर, पुष्कर उदयपुर से सीधा रेल मार्ग से जुड़ाव हो।
} मेड़ता-पुष्कर रेल परियोजना को मिले बजट।
} वैकेशन में चलने वाली हरिद्वार स्पेशल ट्रेन को नियमित किया जाए।
} बीकानेर-जयपुर इंटरसिटी काे मेड़ता बाइपास से हाेकर चलाया जाए।
^मेड़ता-पुष्कर परियोजना शुरू होने के बाद बीकानेर का जुड़ाव अजमेर पुष्कर से तो होगा ही साथ ही लंबी दूरियों की गाड़ियों का बीकानेर तक विस्तार हो सकेगा। बीकानेर-डेगाना पैसेंजर ट्रेन शुरू करवाने के साथ बीकानेर के लंबित मांगों पर भी जल्द कार्रवाई हो। -जिया उर रहमान आरिफ, रेल सलाहकार
^अजमेर,पुष्कर के साथ उदयपुर से जुड़ाव के लिए मेड़ता-पुष्कर परियोजना शुरू होना जरूरी है। इसके अलावा बीकानेर से कई स्थानों से नई ट्रेनों के संचालन को लेकर भी जीएम से चर्चा करेंगे। -डी.पी.पचीसिया, अध्यक्ष, बीकानेर जिला उद्योग संघ
^बीकानेरसे नई गाडिय़ां चलाने के साथ यहां इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी जीएम से वार्ता करेगे। बीकानेर में एक आेर वाशिंग लाइन शुरू करने के साथ बीकानेर स्टेशन पर स्वचलित सीढिय़ों का कार्य जल्द से जल्द करवाने को लेकर भी अवगत करवाएंगे। -नरेश मित्तल, सदस्य जेडआर यूसीसी