तत्कालीन बैंक मैनेजर को नहीं मिली जमानत
अपरसत्र न्यायाधीश संख्या चार योगेंद्र शर्मा की अदालत ने फर्जीवाड़ा कर एटीएम से लाखों रुपए निकालने के आरोपी आईसीआईसीआई बैंक नोखा के तत्कालीन डिप्टी ब्रांच मैनेजर श्रीराम उर्फ रामस्वरूप बिश्नोई की जमानत खारिज कर दी। अभियुक्त पर आरोप है कि उसने आईसीआईसीआई बैंक नोखा में डिप्टी ब्रांच मैनेजर के पद पर होते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर षड्यंत्रपूर्वक फर्जी तरीके से अनपढ़ व्यक्ति दीपाराम के खाते का एटीएम जारी करवाकर स्वयं के पास रख लिया। वह आरोपी ने उसका उपयोग कर खाते में से एटीएम के जरिये लाखों रुपए निकाल लिए। साथ ही दीपाराम के फर्जी फोटो कागजात तैयार कर बैंक में खात भी खोल लिया। इस आशय का मुकदमा आईसीआईसीआई बैंक के ब्रांच मैनेजर हितेश चौहान ने 25 अप्रैल, 2014 को पुलिस थाना नोखा में दर्ज करवाया।
इसी अदालत ने एक अन्य मामले में फर्जी पट्टा जारी करवाने के आरोपी बरसिंगसर रेवंतराम जाट की जमानत खारिज कर दी है। अभियुक्त पर आरोप है कि उसने फर्जीवाड़े से इकरारनामा में शांति देवी के नाम में काटा छांटी कर अपना नाम लिखकर फर्जी कूटरचित कागजात तैयार कर यूआईटी से अपने नाम से भूखंड का पट्टा जारी करवा लिया। इस आशय का मुकदमा परिवादी शांति देवी ने जरिये इस्तगासा देशनोक में दर्ज करवाया।