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बिना कर्म के फल नहीं: संत गोपाल

6 वर्ष पहले
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पदमपुर. गोवर्धनकाअर्थ है गौ संवर्धन। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत मात्र इसीलिए उठाया था कि पृथ्वी पर फैली बुराइयों का अंत केवल प्रकृति एवं गौ संवर्धन से ही हो सकता है। यह सुलतान फार्म प्रांगन में चल रही श्रीमदभागवत कथा में सोमवार को हरिद्वार के कथावाचक संत गोपाल जी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अगर हम बिना कर्म करे फल की प्राप्ति चाहेंगे तो वह कभी नहीं मिलेगा, कर्म तो हमें करना ही होगा।

कथावाचक ने गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठा लिया था। इसमें ब्रजवासियों ने भी अपना-अपना सहयोग दिया। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का अंत किया तथा ब्रजवासियों को पुरानी चल रही सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिया। इस मौके पर प्रांगण में गिरिराज पर्वत शिव कृष्णा वार्तालाप की झांकी सजाई गई एवं अन्नकूट एवं छप्पन भोग लगा कर श्रद्घालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कथा का समापन 11 फरवरी को होगा।