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पंचों का फैसला, दलित परिवार का हुक्का पानी बंद, इस्तगासा थाने भेजा

7 वर्ष पहले
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पीपलादगांव के एक व्यक्ति ने खेत की सींव विवाद को लेकर पंचों द्वारा बैठक बुलाकर उसका हुक्का पानी बंद करने के आरोप में एसीजेएम कोर्ट में दो दर्जन लोगों के विरुद्व इस्तगासा पेश किया। सोमवार को कोर्ट ने परबतसर पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। पीपलाद के अन्नाराम पुत्र धन्ना राम मेघवाल ने गांव के बीरमाराम जाट, रूपा राम ब्राह्मण, महावीर खाती, हमीद खां, तुलछीराम, घीसू खां, गोपाल साद, चुन्नीलाल भार्गव, ईश्वर सोनी, प्रेमचंद आचार्य, छोटू गुर्जर, चोथूराम रेगर, शंकर मेघवाल, ओमप्रकाश साद, परमा राम भांबी, हुकमाराम जाट, मोती मेघवाल, नाथू भार्गव, जीवराज, भंवरलाल, दुर्गाराम, नाथूराम, पप्पू, माणकचंद मेघवाल पर आरोप लगाया कि उसके पड़ोसी के बीच खेत की सीमा का विवाद होने पर हुकमाराम ने गांव की पंचायत बुलाई। इसमें परिवादी उसके भाई को सींव के विवाद को लेकर प्रताड़ित करते हुए जाति सूचक अपशब्द कहे, मारपीट की 11 हजार रुपए दण्ड के जमा करने का फैसला सुनाया। उसने पंचोंं से इसके लिए 7 दिन की मोहलत मांगी तो पंचों ने जीप पर माइक लगा कर गांव में घुमाया और कहा कि उसके परिवार को दुकान से सामान देने, अनाज पीसने एवं व्यवहार रखने वाले को गांव से बाहर कर दिया जाएगा। घर की महिलाएं सार्वजनिक हैंडपंप पर पानी लेने गई तो आरोपियों ने मटके फोड़ दिए एवं छेड़छाड़ की।