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संत जीवन बहली नदी के समान : मुनि पृथ्वीराज
तेरापंथभवन में मुनि मदन कुमार को समारोह के तहत विदाई दी गई। श्रावक-श्राविकाओं ने मुनि को भाव भिनी विदाई दी। मुनि ने सोमवार को तेरापंथ भवन से विहार किया। वयोवृद्ध मुनि पृथ्वीराज ने कहा कि संतो का जीवन बहती नदी के सामान है। संतों का उद्देश्य धर्म का प्रचार-प्रसार करना लोगों को सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना होता है। मुनि मदन कुमार ने संघ के प्रति निष्ठा बनाएं रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर तेरापंथी सभाध्यक्ष दीपचंद गेलड़ा, जैन विश्व भारती ट्रस्टी मोहन लाल छाजेड़, मुनि विनय रूचि, श्रीचंद कांटेचा, तेयुप अध्यक्ष कीर्ति गेलड़ा, पूर्व अध्यक्ष जयसिंह कांटेचा, रायचंद बोथरा, कैलाश गेलड़ा आदि मौजूद थे। मुनि मदन कुमार किनसरिया होते हुए परबतसर, किशनगढ़, भीलवाड़ा, नीमच होते हुए मध्यप्रदेश की ओर विहार करेंगे।