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स्वाइन फ्लू से बचने काढ़ा पीने वालों का मजमा
सुवाला में भी काढ़ा वितरण :कलिंजरा. सुवाला गांव में आयुर्वेद विभाग और ग्रामीणों के सानिध्य में स्वाइन फ्लू से बचने के लिए लोगों को काढ़ा पिलाया गया। इस दौरान 1 हजार से अधिक लोगों ने काढ़ा पिया। चिकित्साधिकारी निखिल जैन ने बताया कि इस काम में गांव के हितेष पाटीदार, धर्मेंद्र पाटीदार ने सहयोग किया।
बांसवाड़ा. न्यूउत्सव फाउंडेशन आयुर्वेदिक चल चिकित्सालय के सानिध्य में गांधी मूर्ति चौराहा पर पृथ्वी क्लब में स्वाइन फ्लू मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर दो दिवसीय काढ़ा वितरण शिविर शनिवार को प्रारंभ हुआ। स्वाइन फ्लू से सहमे शहरवासियों ने शिविर के प्रति गजब का उत्साह दिखाया और सुबह से ही शिविर में काढ़ा पीने वालों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। दोपहर तक शिविर में करीब 15 हजार लोगों ने काढ़े का सेवन किया।
न्यू उत्सव फाउंडेशन के हितेष पटेल ने बताया कि शिविर का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल ने दीप प्रज्जवलित करके किया। काढ़ा बनाने में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत पंड्या, सनत कुमार जैन, भगवतीलाल निनामा, बालचंद निनामा, कन्हैयालाल शाह, अर्जुन परिचालक, अंबालाल, जगदीश, गोवर्धन, आरके अय्यर, जेपी शाह, कांतिलाल पटेल, शैलेंद्र सर्राफ, भूपेंद्र जैन रक्षा सर्राफ ने सहयोग किया। काढ़ा वितरण के दौरान भारी भीड़ उमड़ने पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवान लगाने पड़े। वितरण में अनुराग सिंघवी, कल्पेश पंचाल, विशाल दोसी, निखिल सारगीया, सुनील मेहता, पवन उपाध्याय, घनश्याम बुनकर, प्रदीप मेहता, आशीष शर्मा कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। रविवार को शिविर में सुबह 9 बजे से काढ़ा पिलाया जाएगा।
शहर से सटे ठीकरिया कस्बे के लक्ष्मीनारायण चौक पर आयुर्वेद विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए काढ़ा पिलाया गया। सुबह 10 बजे से ही चौक परआयुर्वेदिक औषधियों से तैयार किया गया काढ़ा पीने वालों की भीड़ लग गई। रोवर लीडर डॉ. मनोज पंड्या ने बताया कि आयुर्वेदाचार्य डॉ. रीची बामनिया और उनकी टीम के निर्देशन में तैयार किया गया काढा कस्बे के 2 हजार से अधिक ग्रामीण और 1 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पिया। इस काम में रोवर लीडर डॉ. मनोज पंड्या, रोवर मुकेश माल, अजय यादव, हेमंत गर्ग, कमलेश त्रिवेदी, मारुति मित्र मंडल के स्वयंसेवक, त्रिमेस ठीकरिया, रोवरिंग क्रू श्री गोविंद गुरु कॉलेज, निरंकारी सत्संग मिशन, कस्बे के नवीन त्रिवेदी, शिवशंकर उपाध्याय, नीलेश भट्ट, राजेश दोसी, सरपंच नारेंग डोडियार, विनोद त्रिवेदी सहित युवाओं ने सहयोग किया। पंड्या ने बताया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए गांव के प्रत्येक घर में होम्योपेश डॉ. रुचिर नागर के मार्गदर्शन में किट उपलब्ध कराए जाएंगे।
पृथ्वीक्लब में काढ़ा वितरण शिविर का उद्घाटन करते एसपी।
परतापुर. खोडन राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, महावीर इंटरनेशनल तथा संस्कार सृजन पब्लिक स्कूल के सानिध्य में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए शनिवार को 1678 स्कूली विद्यार्थियों, 2945 ग्रामीण महिला-पुरुषों सहित 4623 लोगों को काढ़ा पिलाया। महावीर इंटरनेशनल के अध्यक्ष नयनेश जानी ने अब्दुल कादिर कारी साहब मौलाना से भेंट कर लोगों को काढ़ा पीने के लिए आमंत्रित किया। जिस पर मुस्लिम समुदाय के 400 लोगों ने भी काढ़े का सेवन किया। इस अवसर पर डॉ. राहत कुरैशी, डॉ. डायालाल पाटीदार, केवजी, अरविंद, महेंद्र ने सहयोग दिया। गढ़ी के राउप्रावि नवागांव में डॉ. जयप्रकाश वैष्णव के सानिध्य में नानूलाल कटारा कंपाउंडर के सहयोग से आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार कर पिलाया गया। साथ ही बच्चों को स्वाइन फ्लू से बचाव के बारे में बताया। एसएमसी अध्यक्ष पवन यादव गौतमलाल ने सहयोग किया।
ज्ञायक संस्कृत टीटी कॉलेज ध्रुवधाम कूपड़ा के सानिध्य में ब्लॉक टीचिंग के दौरान राबाउमावि ठीकरिया से स्वाइन फ्लू से बचाव, स्वच्छता और कन्या भ्रूण हत्या रोकने को लेकर जागरुकता रैली निकाली गई। साथ ही स्कूल के सभी विद्यार्थियों को काढ़ा पिलाया गया। रैली में प्रधानाचार्य गायत्री स्वर्णकार, ज्ञायक कॉलेज के प्राचार्य सिद्धेश शर्मा, प्राध्यापिका संगीता उपाध्याय, चिरंजीव ठाकुर, विनोद पाटीदार, आनंद कलाल, गजेंद्र कलाल सहित प्रशिक्षणार्थयों ने भाग लिया।
बांसवाड़ा. जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते असर को देखते हुए आयुर्वेद चिकित्सा विभाग की ओर से विशेष काढ़ा पिलाया जा रहा है। आयुर्वेदिक काढ़े की उम्र महज छह घंटे ही रहती है। इस विशेष काढ़े को तैयार करने के बाद यह सिर्फ छह घंटे तक ही ताजा रहता है। इसे तीन दिन तक रोज पीना होता है। डॉ. हेमंत पंड्या ने बताया कि इस आयुर्वेदिक काढ़े में 21 प्रकार जड़ीबूटियों मिलाई जाती है। स्वाइन फ्लू के ज्यादा मरीज देहात में हैं। इसका प्रमुख कारण खुद के प्रति लापरवाही और कुपोषण है। आयुर्वेद द्वारा तैयार किए गए इस काढ़े से स्वाइन फ्लू तो मिटता ही है, साथ ही कुपोषण भी दूर होता है। डॉ. पंड्या ने बताया कि काढ़े में कपूर, गिलोय, दशमूल, गोजीवादी, शोथर, महारासवादी, सीतोपलादी आदि 21 प्रकार की जड़ीबूटियों मिलाकर तैयार किया जाता है।
कपूरऔर गिलोय का खास महत्व : डॉ.पंड्या ने बताया कि इस काढ़े में कपूर और गिलोय का खास महत्व है। कपूर शरीर में गर्मी पैदा करके पसीने के जरिये वायरस को बाहर निकालता है और गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है।
ठीकरिया कस्बे में मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर काढ़ा पीने के लिए लगी भीड़।
स्वाइन फ्लू : डर की कतार | पृथ्वीक्लबमें स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए न्यू उत्सव फाउंडेशन और आयुर्वेद विभाग की ओर से काढ़ा वितरण किया गया। इस दौरान लंबी कतार लगी। यहां लगभग 15 हजार के आसपास लोगों को काढ़ा बांटा गया।