तीन पैर वाला नवजात जन्मा
परतापुर | कस्बेके सरकारी अस्पताल में एक महिला ने तीन पैर वाले बच्चे को जन्म दिया है। महिला और बच्चा दोनों ही स्वस्थ है। उपखंड के भगोरा गांव की निवासी रोशनी कटारा प|ी राजेंद्र कटारा की पहली डिलीवरी थी। गुरुवार को दर्द होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को डॉ. जनकराज सोनी और मेल नर्स रमेश बारिया ने महिला की डिलीवरी कराई। नवजात को देखकर एक बार डाॅक्टर भी हैरान रह गए और इसकी जानकारी तत्काल ही परिजनों को दी। बच्ची के रूप में जन्म लेने वाली इस नवजात के दो पैर तो सामान्य हैं, लेकिन तीसरा पैर पीठ के पीछे रीड की हड्डी पर एक गठाननुमा है। उसके अंदर तीसरा पैर है। डाॅक्टरों ने तत्काल ही पीड़ित महिला और बच्चे को बांसवाड़ा के लिए रैफर कर दिया है।
सोनोग्राफीरिपोर्ट में नहीं आया तीसरा पैर : चिकित्सासूत्रों के अनुसार प्रसूता के आठ माह के दौरान सोनोग्राफी कराई थी। जिसमें बच्चे का तीसरा पैर सोनोग्राफी रिपोर्ट में नजर नहीं रहा है। वहीं प्रसूता की तबीयत भी ठीक थी। अस्पताल प्रभारी डॉ. राजेंद्र मालव ने बताया कि यह पहला मामला है। संभवत: गर्भ धारण करने के दौरान महिला के अंडाशय में शारीरिक विकास से जुड़ी कमी रहने की वजह से ऐसा हुआ होगा। हालांकि यह पूरा मामला जांच का विषय है। बच्ची का वजन 2.08 किलो है।