आंजना में भगवान का अभिषेक
परतापुर| व्यक्तिपर जब दुःख आता है तो वह भगवान को याद करता है। सुख में वह भगवान को भूल जाता है। ऐसे व्यक्ति मायाचारी होते हैं। वह कभी भी सुख, शान्ति और समृद्धि को प्राप्त नहीं हो सकते हैं।
यह बात मुनिश्री पूज्य सागर महाराज ने आंजना दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचन के समय कही। मुनिश्री ने कहा कि व्यक्ति को अपनी कमाई या संपत्ती का 25 प्रतिशत धर्म कार्य में खर्च करना चाहिए। संसार में हमारे लिए चार ही शरण है अरिहंत, सिद्ध, आचार्य और भगवान के द्वारा कहा धर्म। धर्मसभा के पहले मंदिर जी में भगवान का अभिषेक और महाशांतिधारा श्रद्धालुओं ने की। इसका लाभ धनपाल शाह परिवार को प्राप्त हुआ। मंगलाचरण अभिषेक जैन ने किया। धर्मसभा में समाज अध्यक्ष विनोद शाह,चेतनलाल शाह, हर्ष शाह, सुनील शाह, राहुल, मनोज, विमल,जानु, प्रदीप अशोक शाह उपस्थित थे।
आंजना दिगंबर जैन मंदिर में भगवान का अभिषेक करते जैन समाजबंधु।