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कथा में राम वनवास का मंचन

5 वर्ष पहले
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पावटा| कस्बेमें जलदाय विभाग कार्यालय के सामने भृगु वाटीका मे चल रही श्रीराम कथा के दौरान कथा वाचक रामदास रामयणी के मुख से दशरथ से मांगे गए दो वरदान के तहत पहला वरदान भरत को राजगद्दी देना राम को चौदह बरस का वनवास देने के की बात सुनते ही दशरथ का मूर्च्छित हो जाना, राम के साथ सीता लक्ष्मण का भी वन मे जाने की बात सुनकर अयोध्यावासियों का विलाप करना केवट का नाव में बैठाने से पूर्व प्रभू के चरण धोने के लिए अनेक प्रसंग सुनाना आदि प्रसंगों को मार्मिक रूप से संगीतमय चित्रण किया गया। इससे पूर्व शुक्रवार की रात तुलसाजी ठाकुर जी की शादी की गई, जिसमे लक्ष्मी नारायण त्यागी ने तुलसी के पिता की भाति गलता रोड़ जयपुर रामलक्ष्मण आश्रम से आये सन्तों ने ठाकुरजी के परीवार की रस्म अदा की गई। ठाकुरजी तुलसाजी का विवाह ठीक उसी तरह किया गया जिस तरह एक दूल्हे दुल्हन की शादी की जाती है।

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