सरपंच और वार्ड पंच का मानदेय बहुत कम
प्रागपुरा| राज्यसरकार केन्द्र सरकार इन जनप्रतिनिधियों का मानदेय भता बढ़ाने की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उसके बावजूद राजनीति में अपनी पहचान बनाने के लिए वार्ड पंच से लेकर सरपंच तक के पद के लिए लोग चुनाव लड़ने के लिए हरसंम्भव प्रयास करते हैं और उसके बावजूद चुनाव लड़ने के लिए लोग मारामारी करते हैं और हरसंभ्व प्रयास करते हैं। पावटा पंचायत समिति विकास अधिकारी रेखा रानी व्यास ने बताया कि वार्डपंच को ग्राम पंचायत परिसर में होने वाली प्रत्येक बैठक का 100 रुपए प्रति बैठक का भुगतान मिलता है। ग्राम सरपंच को मासिक 3500 रुपए मानदेय भत्ता मिलता है। पंचायत समिति सदस्य को पंचायत समिति की साधारण सभा में भाग लेने पर 350 रुपए प्रति बैठक इसके अलावा पंचायत समिति की स्थायी समिति के सदस्य होने पर प्रति बैठक 350 रुपए मानदेय मिलता है। पंचायत समिति प्रधान को 6000 हजार रुपए मासिक मानदेय भत्ता मिलता है और जिला पार्षद को प्रति जिला परिषद की बैठक में भाग लेने पर 500 रुपए मानदेय भत्ता मिलता है। जिला प्रमुख को पर महीने 9 हजार रुपए प्रतिमाह, एक वाहन एवं एक सरकारी आवास मिलता है।
^इतने कम मानदेय में कैसे कार्य चले, जबकि सरपंच 24 घंटे जनता के बीच रहता है। जल्द ही मानदेय बढ़ाने के लिए मांग की जाएगी। मामराजगुर्जर, अध्यक्ष सरपंच संघ पावटा
^पंचायत समिति का क्षेत्र इतना बड़ा होता है। उसके बावजूद जिसमें वाहनों से आना-जाना पड़ता है। रेखामीणा, प्रधान पावटा
^जिला परिषद के दरमियान आने वाले जिला परिषद क्षेत्र की लम्बी परिधि पड़ जाती है जिसमें आमजन से जुड़ाव रखने में लगातार दौरे करने पड़ते हैं। मूलचंदमीणा, जिला प्रमुख जयपुर