बच्चों को पढ़ाएं, पर अपनी पसंद थोपें
पीपलू| कस्बेके संत निलय में रविवार को क्षुल्लक नयसागर के सान्निध्य में धार्मिक प्रतियोगिताएं हुई। जैन समाज के ज्ञानचंद जैन ने बताया कि महिला एवं बालिका मंडल ने भजनों की प्रस्तुतियां देने सहित मंगलाचरण प्रस्तुत किया। वहीं स्थानीय स्तर पर आनंद यात्रा, कौन बनेगा ज्ञानपति प्रतियोगिता हुई, जिंहे महावीर, पंकज, विमल जैन ने पुरस्कार वितरित किए। इस दौरान प्रवचन में क्षुल्लक नयसागर ने कहा कि आदमी का मानना है कि बच्चे वहीं करे जो हम कहें। बच्चे वहीं बने, जो हम बनाएं। बच्चे उन्हीं रास्तों पर चले जो हमने बनाए हैं क्योंकि आखिर बच्चे हमारे हैं और हम बेटों के पिता है। किसी पुत्र का पिता होना महज एक संयोग है। पिता होने के नाते पुत्रों की अच्छी परवरिश करे, उन्हें पढ़ाएं लिखाएं, पर उन पर अपनी पसंद थोपे। उन्हें संस्कार जरूर दें, बल्कि उनका सही मार्गदर्शन अवश्य करे। आदमी जैसा सोचता है, वैसा ही बनता है। नकारात्मक सोच कमजोर बनाती है।