मित्रता हो तो सुदामा और कृष्ण जैसी
कार्यालयसंवाददाता | चौमू
शहरके अशोक विहार पार्क में संत गोपाल दास महाराज के सान्निध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को कथावाचक कृष्ण प्रिया ने कहा कि दोस्ती तो कृष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए। मित्रता में कपट की भावना नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मित्र वहीं होता है जो संकट के समय काम आए। संकट के समय जब सब साथ छोड़ देते हैं, तब मित्र ही एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो अपने साथ होता है। कथा में कृष्ण और सुदामा के बचपन की मित्रता के प्रसंगों मित्रता भक्ति का संबंध भी बताया। आयोजक हरिनारायण शर्मा ने आए हुए संतों का स्वागत किया। विधायक रामलाल शर्मा, पालिकाध्यक्ष आशीष दुसाद, उपाध्यक्ष कालूराम जाट का कथावाचक कृष्ण प्रिया ने स्वागत किया। विधायक रामलाल शर्मा ने अशोक विहार पार्क के जीर्णोद्घार की घोषणा की। पूर्णाहुति के साथ हवन कार्यक्रम हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की।
क्रोधसे विवेक का नाश
फागी | कस्बेमें चातुर्मास के दौरान कस्बे के श्री दिगंबर जैन मुनि सुव्रतनाथ मंदिर परिसर में रविवार को प्रवचन करते हुए मुनि विश्वास सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को क्रोध आते समय मौन धारण कर लेना चाहिए या फिर अन्यत्र चले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रोध करने से मनुष्य का विवेक नष्ट हो जाता है और क्रोध उसे पाप करण की ओर प्रवृत कर देता है। इस पापकर्म का फल उसे भुगतना ही पड़ता है। क्रोध आने पर उस पर काबू कर लेने और क्षमाधारण करने वाला ही महावीर है। जो क्रोध के वशीभूत होकर पापकर्म कर बैठता है, उसे महावीर नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में क्षमा धारण करना ही महावीर का काम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को जीवन में गुरू अवश्य बनाना चाहिए। जिस मनुष्य ने जीवन में गुरू बना लिया, वही सनाथ है। उसकी नाव संसार सागर से गुरू की सहायता से पार हो सकती है। अर्जुन की नैया महाभारत में पार श्रीकृष्ण ने गुरू बनकर ही लगाई थी और महासमर से पूर्व गीता ज्ञान का उपदेश दिया था। इससे पूर्व मार्धव नंदीजी महाराज ने भी प्रवचन दिए। सहज सागर जी महाराज ने प्रश्न मंच कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कार वितरित कराए।
पदयात्रा27 को
चाकसू | सवाईमाधोसिंहपुरा से 27 सितंबर को खेड़ा बालाजी की पदयात्रा रवाना होगी। भूणाराम गुर्जर ने बताया कि शनिवार को गांव में बालाजी सेवा सम