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शक्तिस्थलों पर बढ़ी श्रद्धालुओं की रौनक

7 वर्ष पहले
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शहरस्थित शक्तिपीठों में गुरुवार को घटस्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्रा का आयोजन शुरू हुआ। नवरात्रा के अवसर पर शहर के विभिन्न देवी स्थलों में सुबह से ही चहल पहल बढ़ गई। कई श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्रा शुरू होने से पूर्व ही मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया।

शहर के आशापूर्णा मंदिर, धरज्वल माता मंदिर, जाज्जवला माता मंदिर, कालका मंदिर, खींवज मंदिर, संच्याय माता मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शक्तिपीठों पर श्रद्धालुओं द्वारा घट की स्थापना की गई है। श्रद्धालुओं द्वारा गृहस्थ तथा सांसारिक मोह माया त्यागकर नवरात्रा के दिनों में मंदिरों में माता की पूजा अर्चना की जा रही है। वहीं कई श्रद्धालुओं द्वारा निराहार उपवास रखकर मंदिर परिसर में देवी की आराधना कर रहे हैं।

आशापुरामंदिर में सुबह से ही लगा श्रद्धालुओं का तांता

नवरात्राके अवसर पर शहर से पांच किलोमीटर दूर स्थित आशापूर्णा माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते मेले सा माहौल बन गया। वहीं शहर से भी कई लोगों ने पैदल माता के मंदिर पहुंचकर मंगला आरती का लुत्फ उठाया। नवरात्रा के अवसर पर मंदिर परिसर में कई श्रद्धालुओं ने घट की स्थापना कर नव रात्री पूजा अर्चना की।

पदयात्राकर किया माता के दर्शन

नवरात्राके अवसर पर शहर स्थित देवी मंदिरों के साथ साथ शहर से 40 से 50 किलोमीटर दूर दराज तक श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा कर अल सुबह आरती कर दर्शन लाभ लिए। शहर से 40 किलोमीटर दूर स्थित शक्तिपीठ भादरिया राय मंदिर के दर्शनों के लिए बुधवार की रात्रि से ही पदयात्रियों का तांता लगा रहा। वहीं देवलपुरा गांव स्थित चंदू माता मंदिर तथा देवल माता मंदिर में पुजारी प्रभू दान लखावत द्वारा नवरात्रा घट स्थापना की पूजा अर्चना की। वहीं मंदिर में अल सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जिसके चलते पूरे दिन मेले सा माहौल रहा।

सजनेलगे डांडिया के पंडाल

नवरात्राके अवसर पर शहर के विभिन्न मोहल्लों में डांडिया के पंडाल सजने लगे। सालमसागर तालाब के पास, छंगाणियों की गली, पुरोहितों की गली, कु हारों की पोल, एको की पोल सहित कई मोहल्लों में श्रद्धालुओं द्वारा डांडिया के पांडालों को सजाया गया। आकर्षक रोशनी तथा रंग बिरंगी फरियों से डांडिया के पंडाल को सजाया गया तथा लोगों के नृत्य के लिए इस पंड