- Hindi News
- एक साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया प्रतापपुरा जीएसएस
एक साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया प्रतापपुरा जीएसएस
निकटवर्तीग्राम पंचायत राजगढ़ के अंतर्गत राजस्व ग्राम प्रतापपुरा में निर्माणाधीन 33 केवी जीएसएस का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा होने के कारण किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
जानकारी के अनुसार ट्यूबवैल बहुल मसूरिया, प्रतापपुरा तथा खेलाणा के किसानों की बिजली संबधी परेशानियों को देखते हुए विभाग द्वारा 23 नवंबर 2013 को 33 केवी जीएसएस निर्माण की स्वीकृति हुई थी। जिसको अमलीजामा पहनाने के लिए अप्रेल 2014 में ठेकेदार वर्धमान एण्ड कंपनी द्वारा काम शुरू किया गया। कार्यकारी फर्म के कछुआचाल से काम करने के परिणामस्वरूप कार्य शुरू होने के 1 वर्ष बाद भी एक तिहाई काम ही पूरा किया जा सका है। इस संबध में बात करने पर कार्यकारी एजेंसी के कारिन्दे सामान की कमी की दुहाई दे रहे हैं, वही विभाग नोटिस देने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है। इस जीएसएस को सांकड़ा-बाेनाड़ा 33 केवी लाइन से जोड़ा जाना है, जिसकी लम्बाई तकरीबन 14 किमी है, इस लाइन का 4 किमी काम आधा पड़ा है। जानकारों के अनुसार मसूरिया, प्रतापुरा तथा खेलाणा बैल्ट के किसानों को इससे पहले सांकड़ा तथा मसूरिया 33 केवी जीएसएस से सप्लाई दी जाती थी। ट्यूबवेलों की अधिकता को देखते हुए इन सब स्टेशनों पर बिजली भार बढ़ गया है। इससे किसानों को लो-वोल्टेज ट्रिपिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है स्थानीय किसान आईदानसिंह जोगराजगढ़ जेठूसिंह ने बताया कि इस संबध में विभागीय अधिकारियों तथा जन प्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवाने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे किसानों को रबी कि फसल में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने जल्द कार्रवाई करने पर धरने की चेतावनी दी।
^प्रतापपुरा जीएसएस की समस्या को लेकर जेईएन से एसी तक सभी विभागीय अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को अवगत करा दिया है। लेकिन इस संबध में काेई कार्रवाई नहीं कि जा रही है। जिससे किसानों की फसलों में नुकसान हो रहा है। आईदानसिंह,जोगराजगढ़, किसान
^प्रतापपुराजीएसएस का कार्य चल रहा है। कार्य को गति प्रदान करने के संबंध में ठेेकेदार को पाबंद कर जल्द से जल्द कार्य करवाया जाएगा। जे.आर.गर्ग, एक्सईएन, डिस्कॉम पोकरण