104 एम्बुलेंस का उपयोग हो रहा है कम
इनका कहना है
सरकारद्वारा गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए 108 की तर्ज पर 104 सेवा शुरु की थी। जिले के 15 स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात किया गया था। 104 पर फोन करते ही वाहन सीधे घर पर पहुंचता है। वहीं से महिला को स्वास्थ्य केन्द्र तक ले जाया जाता है। साथ ही प्रसव के पश्चात महिला को घर तक छोड़ने की भी सुविधा इस वाहन में मिलती है। साथ ही अगर बच्चे की स्थिति कमजोर है तो उसके उपचार के लिए भी उसे लाने ले जाने की सुविधा मिलती है। इसमें ये एक खास बात भी है कि ये सेवा पूर्णतया निशुल्क है।
लोगोंकाे मिले जानकारी
इसकाकम उपयोग का कारण लोगों में इसके बारे में जानकारी का होना है। अधिकांश लोग इस सेवा का उपयोग ही नहीं करते है। आंकड़ों के अनुसार अप्रेल से अगस्त माह तक जिले में जिला अस्पताल, खुहडी, जालोडा, चिन्नू, पूनमनगर देवा, नोख के वाहन कम उपयोग में रहे हैं। वहीं देवीकोट, पोकरण, झाबरा, झिनझिनयाली, फलसूंड का उपयोग सामान्य हो रहा है।