गांवों में नहीं पहुंचाई जा रही है मूलभूत सुविधाएं
पोकरण (आंचलिक) ग्राम पंचायतों में सफाई के नाम बजट नहीं होने से ग्राम पंचायतों में लगे कचरे के ढेर
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)
उपखंडक्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों में बजट के अभाव में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। ग्राम पंचायत में तो सफाई व्यवस्था सुचारू है और ही यातायात व्यवस्था। जिसके चलते आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाने के कारण ग्रामीणों को तकलीफाें का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत के भीतरी भागों में सफाई व्यवस्था के नाम पर पंचायत प्रशासन बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं।
विकासके नाम पर ग्राम पंचायतों में कुछ भी नहीं
पंचायतसमिति द्वारा आए दिन बैठकों में ग्राम पंचायतों से विकास के नाम पर कई प्रस्ताव लिए गए हैं। लेकिन आज दिनांक तक एक भी ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर कुछ भी कार्य नहीं करवाया गया है। ऐसे में ग्रामीणों को तकलीफ में जीना पड़ रहा है। उपखंड क्षेत्र की कई ग्राम पंचायत रातडिया, जैमला, सरदारसिंह की ढाणी, स्वामीजी की ढाणी, फलसूंड, माडवा, लवां, मोडरडी, बांधेवा, खेतोलाई, लाठी, झाबरा, डिडाणियां, बारहट का गांव, भणियाणा, भीखोड़ाई, नई भीखोड़ाई, बिलिया, मानासर, भूर्जगढ़, छायण, ओला, पन्नासर, राजगढ़, भैंसड़ा, लूणाकल्ला, सादा, राजमथाई आदि गांवों में विकास नहीं किए जाने के कारण ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा तो समय पर वार्डों की सफाई की जा रही है ही मुख्य सड़कों की। जिसके चलते लोगों को गंदगी से आए दिन दो-चार होना पड़ रहा है।
ठेलाचालकों ने फैलाई अव्यवस्था
क्षेत्रकी ग्राम पंचायत फलसूंड, बारहट का गांव, रातडिय़ा तथा अन्य ग्राम पंचायतों के मुख्य चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण वाहन चालकों एवं राहगीरों को कठिनाई उठानी पड़ रही है। पंचायत द्वारा मुख्य चौराहों एवं मार्गों पर हाथ ठेलों एवं सब्जी विक्रेताओं के लिए कोई नियत स्थान नहीं होने के कारण यह ठेला चालक अपने ठेले रास्ते में ही खड़ा कर सब्जी बेचने लग जाते हैं। जिससे आए दिन यातायात व्यवस्था लडख़ड़ा जाती है। इन ठेला चालकों द्वारा मुख्य मार्गों पर सड़ी गली सब्जी फैंक देने के कारण यहां पर दिन भर आवारा पशु विचरण करते रहते हैं। ऐसे मेें आम आदमी का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामपंचायतों में नहीं है पेयजल व्यवस्था
सरकारद्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर जीएलआर तथा पानी टांका का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अधिकांश ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बाधित होने के कारण ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जलदाय विभाग द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर जीएलआर तो बना दिया गया है लेकिन उन्हें आज दिनांक तक पाइप लाइन से नहीं जोड़ा गया है। जिसके चलते ग्रामीणों को महंगे दामों में पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
^ग्रामपंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिक जागरूक नहीं है। पंचायत द्वारा सफाई अभियान चलाकर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाए। साथ ही नाला नालियों में भरे कचरे को भी हटाया जाए। राणारामपंवार, ग्रामीण, भूर्जगढ़
^ग्रामपंचायत में बजट का अभाव होने के कारण गांवों में विकास कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है जिसके चलते मुख्य मार्गों पर चौराहों पर गंदगी का आलम होने के कारण लोग वहां पर गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। तेजाराम,ग्रामीण, फलसूंड
^ग्रामपंचायतों में सफाई के संबंध में ग्रामसेवक सरपंचों को सफाई विकास कार्य करवाने के लिए आदेश भी दिए जा चुके हैं। आबादी के हिसाब से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। लेकिन ग्राम पंचायत के पास आय के पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण विकास कार्यों में देरी हो रही है। अमतुल्लामेहर, प्रधान, पंचायत समिति सांकड़ा