कार्मिक गायब, शिविर दूसरे दिन ही बंद
भामाशाह शिविर में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
नगरपालिकाक्षेत्र में मंगलवार को शुरू हुए भामाशाह योजना शिविर के दूसरे दिन आधार कार्ड भामाशाह कार्ड बनाने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों के कार्य छोड़ देने के कारण दूसरे दिन ही शिविर बंद हो गया। जिसके चलते वार्डवासियों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भामाशाह योजना शिविर का मंगलवार को वार्ड संख्या 1 में शुभारंभ किया गया था। शिविर शुरू होने के साथ ही आधार कार्ड बनाने में सामने आई परेशानियों के संबंध में कंपनी के अधिकारी अपने कार्मिकों तथा उपकरणों सहित मंगलवार की रात्रि को ही कार्य छोड़ कर रवाना हो गई। सुबह 9.15 बजे शिविर स्थल खुला लेकिन मौके पर आधार कार्ड तथा भामाशाह कार्ड तैयार करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर अन्य उपकरण भी दिखाई नहीं दिए। लगभग पौन घंटे तक अधिकारियों वार्डवासियों की खींचतान के बाद शिविर प्रभारी सुनील बोड़ा ने शिविर को बंद कर वार्डवासियों को नगरपालिका में आयोजित होने वाले शिविरों में कार्य करवाने का आश्वासन दिया।
रातोंरातगायब कंप्यूटर ऑपरेटर
मंगलवारको भामाशाह योजना शिविर में कंपनी के अधिकारियों द्वारा समय पर कार्य को शुरू नहीं किया गया। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों कंपनी के अधिकारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। वहीं शिविर संपन्न होने के साथ साथ कहासुनी काफी बढ़ गई। जिसके कारण कंपनी के अधिकारियों ने रात्रि में ही शिविर स्थल से भामाशाह आधार कार्ड बनाने के उपकरण तथा अपने कार्मिकों को लेकर कार्य को छोड़ वहां से रवाना हो गई। बुधवार को शिविर स्थल पर कोई कार्मिक नहीं आने के संबंध में भी प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया।
वार्डवासियोंको हुई परेशानी
मंगलवारको ही सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने फार्म लिए तथा अपने अपने भामाशाह आधार कार्ड बनाने के लिए काफी उत्सुकता दिखाई। वहीं बुधवार को भी शिविर शुरू होने से पूर्व ही कई महिलाएं पुरुष शिविर स्थल पर पहुंच गए। लगभग 9.15 बजे पहुंचे अधिकारियों द्वारा शिविर स्थल खोला गया। लेकिन शिविर में भामाशाह आधार कार्ड के नहीं बनने के कारण वार्डवासियों को परेशानी उठानी पड़ी।
^शिविरप्रभारी होने के नाते मैं सुबह शिविर समय पर शिविर स्थल पर पहुंचा। लेकिन वहां पर भामाशाह कार्ड बनाने वाली कंपनी के कार्मिक उपस्थित नहीं थे। पूछताछ करने पर पता चला