पोकरण विधानसभा में पिछड़ रही है भाजपा
चैतन्य मोहन/ जसवंतसिंह तंवर | पोकरण
पंचायतीराजसंस्था के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व खतरे में दिखाई दिया। क्योंकि बीते विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में मिली भारी विजय के उलट पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को करारी शिखस्त देते हुए प्रधान एवं उपप्रधान के पद पर अपना कब्जा जमाया।
इसके साथ ही पंचायती राज चुनाव में से कांग्रेस ने भाजपा को पूरी तरह से उखाड़ फेंका। ऐसे में जहां कांग्रेसी खेमे में खुशी की लहर तो भाजपा के खेमे में मायूसी दिखाई दे रही है।
फकीरपरिवार पड़ा सब पर भारी
जैसलमेरके साथ साथ पोकरण क्षेत्र में भी फकीर परिवार ने भाजपा के दिग्गज नेताओं को पटखनी देते हुए उन्हें अपना घर बता दिया है। विधानसभा चुनाव में फकीर परिवार के शाले मोहम्मद 34 हजार 444 वोटों से बुरी तरह से पराजित हुए थे। वहीं भाजपा ने लोकसभा चुनाव में भी अपना जलवा दिखाते हुए पोकरण विधानसभा क्षेत्र से 36 हजार वोटों से बढ़ हासिल कर कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया था। लेकिन पंचायतीराज चुनाव में फकीर परिवार ने फिर अपना जलवा दिखाते हुए पंचायत समिति सांकड़ा में अपना परचम लहराया। इसके साथ ही फकीर परिवार ने भाजपा के जिलाध्यक्ष के पुत्र को उस के ही गांव में सरपंच चुनाव में हराया तथा पूर्व विधायक के पुत्र को उपप्रधान के चुनाव में शिखस्त दी।
पंचायतीराज चुनाव में दिखी भाजपा में फूट
जिलापरिषद एवं पंचायत समिति के चुनावों में जहां कांग्रेस में एकता दिखाई दी वहीं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में फूट तथा अविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया। जिसका नतीजा चुनाव परिणामों में नजर आया। पिछले चुनावों में भारी जीत को लेकर जहां भाजपा अाश्वस्त दिखाई दी वहीं कांग्रेस के दिग्गज ग्राउंड लेवल पर अपना कार्य करते रहे। ऐसे में बीते चुनाव में भारी जीत से उत्साहित भाजपा के दिग्गज नेताओं ने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की इसका खामियाजा उन्हें पंचायतीराज चुनाव में भुगतना पड़ा।
टिकटवितरण को लेकर जगह जगह हुई गुटबाजी
पंचायतीराज चुनाव में भाजपा के टिकट वितरण कमेटी के सदस्यों द्वारा ग्राऊंड लेवल पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी किए जाने से पोकरण क्षेत्र में जगह जगह गुटबाजी दिखाई दी। जिससे भारतीय जनता पार्टी का चुनाव प्रचार अभियान भी गति नहीं पकड़ पाया। जिसके कारण भाजपा को कांग्रेस की बजाए अपने ही पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
पूर्वविधायक के पुत्र को करना पड़ा हार का सामना
रविवारको पंचायत समिति सांकड़ा के उपप्रधान के चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता एवं पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी के पुत्र आईदानसिंह भाटी को भी एक वोट से हार का सामना करना पड़ा। राजनिति में सांगसिंह के ही शिष्य माने जाने वाले फलसूंड क्षेत्र के कदावरनेता इंद्रसिंह जोधा ने अपने राजनैतिक गुरु को शिकस्त देते हुए उपप्रधान पद पर कब्जा जमाया।