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स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों की संख्या तीन

6 वर्ष पहले
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जिलेमें स्वाइन फ्लू का दायरा धीरे धीरे बढ़ रहा है। अभी तक जिले में तीन रोगी सामने चुके है। जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। स्वाइन फ्लू से पीडित पारेवर की कमला को जैसलमेर से जोधपुर रैफर कर दिया गया है। वहीं जोधपुर में एक ओर स्वाइन फ्लू से पीडित पांच माह के लक्षित पुत्र अशोक खत्री का उपचार चल रहा है। जोधपुर में ही उपचार के दौरान शुक्रवार को मतूजो की ढाणी पोकरण की खरतेखां की पुत्री ईदी (14) ने दम तोड़ दिया था। जैसलमेर में इसके पांव पसारने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रयास तेज कर दिए है। डिप्टी सीएमएचओ डा. मुरलीधर ने बताया कि स्वाइन फ्लू के तीन मामले सामने आए है। स्क्रनिंग की गई है तथा टेमीफ्लू का वितरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मतूजों की ढाणी में भी स्क्रनिंग की थी।

आयुर्वेदिक विभाग ने जिले में स्वाइन फ्लू के प्रकोप को रोकने के लिए विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों से काढ़ा तैयार किया है। जिसका वितरण सोमवार से प्रारंभ होगा। आयुर्वेद अधिकारी गजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि ये काढ़ा स्वाइन फ्लू रोधी है। काढ़ा कोई भी ले सकता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। ताकि लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में नहीं आए। इस काढ़े से किसी भी प्रकार का साइड इफैक्ट नहीं होता है। इसमें दशमूल कवाथ, गोजीहवाडी कवाथ, गिलोए और तुलसी के पत्तों के साथ ही अन्य आयुर्वेदिक औषधियां है। जिनसे शरीर में इस रोग से बचाने की प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. गजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि सोमवार से जिले के समस्त आयुर्वेद औषधालयों में स्वाइन फ्लू रोधी आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया जाएगा। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डा. सरोज शर्मा की देखरेख में जैसलमेर शहर के जवाहिर अस्पताल, राजस्थान जिला आयुर्वेद चिकित्सालय नवखुणिया गांधी कॉलोनी तथा गोपा चौक में इसका वितरण निशुल्क किया जाएगा। इस दौरान डा. रामनरेश शर्मा, डा. अशोक पंवार, डा. चम्पा सौलंकी, कम्पाउण्डर उम्मेदसिंह एवं महेश जोशी, घनश्याम, भंवरसिंह, नारायणराम, लक्ष्मणसिंह एवं सूरज कंवर सहयोग करेंगे। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में इन स्वाइन फ्लू रोधी काढे का सेवन करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इसके कोई साइड इफैक्ट नहीं है। आगामी दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस काढ़े का वितरण निशुल्क किया जाएगा।