457 गांवों को मिलेगा मीठा पानी : कर्नल
बाड़मेरलिफ्ट केनाल द्वितीय चरण के भाग (स) केकड़ी-शिव-भाड़खा-बाड़मेर परियोजना जिसमें बाड़मेर जिले के 286 गांवों में निवास करने वाले 2,32,832 जनसंख्या जिसमें तहसील बाड़मेर के 121, बायतु के 3, शिव के 132 एवं रामसर के 30 गांवों को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए 700 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।
सांसद सोनाराम ने इसके लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात कर उनका एवं उपसमिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इसी परियोजना के भाग (द) बी.के.जी- देवीकोट-सांगड़- फतेहगढ़ परियोजना इसमें जैसलमेर जिले के 171 गांवों की 1,13,704 की आबादी जिसमें तहसील जैसलमेर 61 फतेहगढ़ के 104 पोकरण के 6 कुल 171 गांवों के लिए 451.87 करोड़ की राशि मंजूर कर परियोजना स्वीकृत की है।
जिले में नर्मदा नहर आधारित पेयजल परियोजना एवं एचआर प्राेजेक्ट में शिव, रामसर पेयजल परियोजना एवं एच.आर प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए गुंदेलपुरा, आडेल, कौशलू, देवनगर, कादानाडी एवं सियागो की ढाणी में भूमि आवाप्त नहीं होने से कार्य अवरुद्ध है। भूमि आवंटन के लिए निर्णय लेने के साथ ही भूमि उपलब्ध करवाने की मांग रखी है।
इन स्थानों पर जहां मुख्य हेड वर्क का निर्माण किया जाता है, वहां अभी तक प्रशासन एवं विभाग द्वारा भूमि संबंधी प्रकरणों का समाधान इसलिए नहीं किया गया है कि गैर मुमकिन गोचर, ओरण, चारागाह किस्म की भूमि का आवंटन उच्चतम न्यायालय के आदेश की अनुपालना में जिला प्रशासन स्तर पर करना संभव नहीं है। इसलिए कलेक्टर बाड़मेर द्वारा राजस्व विभाग को भूमि आवंटन करने के लिए जुलाई 2013 में मांग की गई है। इसी कारण विभाग एवं प्रशासन की मांग को ध्यान में रखते हुए जनहित में राज्य सरकार स्तर पर निर्णय लेने भूमि आवंटन की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। मुख्यमंत्री ने सांसद को आश्वस्त किया की बाड़मेर-जैसलमेर की जनता को मीठा पानी पिलाने का जो वादा किया उसे पूरा किया जाएगा।