उपकोषाधिकारी की हठधर्मिता लापरवाही की जांच की मांग
अभिभाषकसंघ पोकरण के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप उपकोषाधिकारी पोकरण की हठधर्मिता लापरवाही की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि उपकोषाधिकारी कार्यालय में आए दिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक के खाते में रकम जमा करवाने के बावजूद वे लोग उसी दिन स्टाम्प देते हैं ही किसी के कोर्ट फीस या कॉपिंग टिकट देते हैं।
दूसरे दिन आने का कहकर टरका देते हैं, साथ ही कहते हैं कि हमारे पास बैंक से जमा राशि की स्लीप नहीं आई है, जबकि सभी खाते ऑनलाइन हो चुके हैं। किसी प्रकार की जरुरत ही नहीं होती है, इसके बावजूद हमने जमा राशि की स्लीप तक उनको बताई। फिर भी वे बेपरवाह होकर बात का सही जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने बताया कि कचहरी परिसर, उपखंड तहसील मुख्यालय होने के कारण आए दिन लोग शिकायतें लेकर हम वकील लोगों के पास आते हैं। किसीे बढ़े बुजूर्ग लोगों को पेंशन के बारे में बार बार चक्कर निकलवाते हैं तो कहीं सरकारी कर्मचारियों को लॉन वगैरह के बिल पास करवाने के एवज में रुपयों की मांग भी करते हैं।
पोकरण उपपंजीयन कार्यालय होने के कारण लोग दूर दराज इलाकों से कम से कम 150-200 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने कार्यों को लेकर आते हैं। लेकिन उपकोषाधिकारी, कनिष्ठ लेखाकार लिपिकों के द्वारा उसी दन स्टाम्प वगैरह उपलब्ध नहीं करवाने के कारण ग्रामीण इलाके के लोगों को काम के लिए दर दर भटकना पड़ता है। जबकि सरकार की ओर से अधिक से अधिक राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखकर कार्य करने के निर्देश भी जारी कर रखे हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाएं। ज्ञापन देने वालों में अभिभाषक संघ के सदस्य उपस्थित थे।