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एक वर्ष से अटका पड़ा है श्रमिकों का भुगतान
भास्कर न्यूज | पोकरण (आंचलिक)
राज्यसरकार द्वारा शुरू की राष्ट्रीय ग्रामीण महात्मा गांधी योजना (महानरेगा) के तहत लगाए गए श्रमिकों का भुगतान एक वर्ष अधिक बीत जाने के बावजूद भी श्रमिकों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते श्रमिकों को अपना परिवार भी पालना मुश्किल हो गया है। श्रमिकों द्वारा भुगतान करने की मांग करने के बावजूद भी अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता नजर रहा है।
एकसौ अधिक श्रमिकों का नहीं हुआ भुगतान
श्रमिकोंने बताया कि महानरेगा के तहत ग्राम पंचायत लाठी के राजस्व गांव भादरिया में वन विभाग के तहत कार्य किया गया था। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भी श्रमिकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत 25 अक्टूबर 2013 से श्रमिकों द्वारा किए गए कार्यों का अभी तक भुगतान नहीं होने के कारण श्रमिकों का हाल बेहाल हो रहे है तथा श्रमिकों को अपना परिवार भी पालना मुश्किल हो गया।
श्रमिकोंने विधायक से भुगतान दिलाने की मांग
ग्रामपंचायत लाठी के राजस्व गांव भादरिया में वन विभाग द्वारा महानरेगा के तहत चल रहे श्रमिकों ने जिला कलेक्टर क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर भुगतान दिलाने की मांग की। श्रमिक प्रेमाराम ने बताया कि भादरिया गांव में वन विभाग नरेगा के तहत करवाए जा रहे कार्यों का अभी तक श्रमिकों का भुगतान नहीं करवाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा श्रमिकों से काम लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भुगतान को लेकर कई बार अधिकारियों को लिखित मौखिक रूप से अवगत करवाया गया। लेकिन अधिकारियों आश्वासन देकर श्रमिकों को टरका देते है। उन्होंने जिला कलेक्टर विधायक को श्रमिकों का भुगतान करवाकर श्रमिकों को राहत पहुंचाई जाएं। ज्ञापन देने वालों में महावीर, दलाराम, देवीसिंह, सावल सिंह, दानसिंह, अमरसिंह, भंवराराम, हजारी राम, भंवरी कंवर, मरवोदेवी, बरजदेवी, देवीसिंह, अमरसिंह, समदीदेवी, हजारी राम, जेठी कंवर, सीतादेवी, मीनादेवी, धूड़ीदेवी, मिकी देवी, भरू राम, दानसिंह, मोहनसिंह सहित कई लोगों के हस्ताक्षर थे।
^महानरेगाके तहत करवाए गए श्रमिकों का एक वर्ष अधिक बीत जाने के बावजूद भी श्रमिकों का भुगतान नहीं करवाया जा रहा है। जिससे श्रमिकों को अपने परिवार पालना भी मुश्किल हो गया है। इस संबंध कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया गया। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। दलाराम,श्रमिक,वन वि