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पुरानी बिजली की तारें बनी हादसे का कारण

7 वर्ष पहले
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जोधपुरविद्युत वितरण निगम ने 50 वर्ष पूर्व शहर में बिजली सप्लाई पहुंचाने के लिए बिजली की तारें बिछाई गई थी। इन तारों को आज तक नहीं बदला गया है। इसके कारण इन दिनों यह पुराने तार हादसे की आशंका बनी रहती है।

शहर में बिछी पुरानी बिजली की तारें कभी टूट जाती है, तो कभी जल जाती है। जिसके कारण आए दिन लोगों को बिजली की सप्लाई में व्यवधान की समस्या का सामना करना पड़ता है। लोगों की मांग के बाद भी आज तक डिस्कॉम के आलाधिकारियों द्वारा इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

होरही हंै तार टूटने की घटना

शहरमें मुख्य स्थानों पर लगभग 50 फुट लम्बी तारों में आठ से दस ज्वाइंट हो गए हैं। लेकिन विभाग द्वारा इन तारों को अभी तक नहीं बदला गया है। वहीं हाल ही में सुबह 5 बजे शहर के किला रोड से गुजारने वाली 11 केवी की तार टूट कर जमीन पर गिर गई। किसी प्रकार की जानमाल की हानी नहीं हुई। लेकिन तारों से बांध कर पुन: बिजली सप्लाई सुचारू कर दी।

ढीलीतारें भी परेशानी का कारण

तारेंमरम्मत तथा सार संभाल के अभाव में इन दिनों ढिली पड़ी है। इसके साथ ही बाबा रामदेव के मेले तथा अन्य दिनों में किला रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में इन ढिली हाइटेंशन तारों से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

^शहरमें बिछी बिजली की तारों में फॉल्ट पक्षियों के कारण यह तारें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसके साथ ही कई बार मरम्मत के अभाव में यह तारें ज्वाइंट से खराब हो जाती है। इन दिनों शहर में बिजली तारों का मेंटिनेंस का कार्य किया जा रहा है। जरूरत के हिसाब से खराब तारों को बदलने का कार्य भी किया जा रहा है।

जे.आर.गर्ग,एक्सईएन,डिस्कॉम पोकरण