‘स्कूलों को खेल मैदानों के लिए भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजें’
कलेक्टरविश्वमोहन शर्मा ने रमसा गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों के संस्थाप्रधानों द्वारा विद्यालय विकास कोष की राशि खर्च नहीं की जाती है उनकी बैठक लेकर विद्यालय विकास कार्य के लिए वे पैसे खर्च कराने के निर्देश प्रदान करावें एवं उसके उपरांत भी वे पैसे खर्च नहीं करते हैं तो उनको कारण बताओ नोटिस जारी करें। उन्होंने विद्यालय विकास कोष से किस-किस मद में पैसे खर्च किए जा सकते हैं उसकी चैक लिस्ट बनाकर संबंधित संस्थाप्रधानों को उपलब्ध करावें।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में खेल मैदान के लिए भूमि नहीं है उन संस्था प्रधानों को निर्देश करें कि वे खसरे का चयन कर खेल मैदान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव संबंधित तहसीलदार एवं उपखण्ड अधिकारी को तत्काल ही पेश करें ताकि विद्यालयों के लिए खेल मैदान के लिए भूमि आवंटित करवाई जा सके। उन्होंने जिन 8 माध्यमिक विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं है उनके लिए अधीक्षण अभियन्ता को पत्र भेजकर विद्युत कनेक्शन की कार्रवाई शीघ्र करावें।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक से विद्यालयों के विद्युत कनेक्शन की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि 870 उच्च प्राथमिक/प्राथमिक विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं है। इस संबंध में कलेक्टर ने प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए परिपत्र की सूचना सहित जिले के दोनों सांसद एवं विधायकों को उनके विकास मद से विद्यालयों को विद्युत कनेक्शन के लिए आग्रह करावें।
कलेक्टर शर्मा ने बुधवार को रमसा की गतिविधि के लिए गठित जिला स्तरीय निष्पादक समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरिप्रकाश डेण्डोर, प्रारंभिक प्रताप सिंह कसवा, एडीपीसी दलपत सिंह के साथ ही अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने बैठक में विद्यालयों में बालिकाओं को दी जा रही ट्रांसपोर्ट सुविधा, विद्यालय विकास कोष, विद्यालयों में फर्नीचर की उपलब्धता, विद्युत कनेक्शन, कम्प्यूटर लैब की स्थिति, के साथ ही अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से समीक्षा की।
जैसलमेर | मुख्यमंत्रीजल स्वावलंबन अभियान अंतर्गत चयनित गांवों में प्रस्तावित डीपीआर अनुसार कार्यों की पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ क्रियान्विति सुनिश्चित किए जाने के लिए राज्य स्तर से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यों की क्रियान्विति के लिए विभिन्न मदों में जारी की गई राशि के विरुद्ध स्वीकृत कार्यों में से मौके पर कितने कार्य वास्तव में प्रारंभ हुए हैं, की ठोस अनुपालना चाही जा रही है। इसी सिलसिले में बुधवार को राज्य स्तर से सभी जिला एवं ब्लाॅक मुख्यालय से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से संवाद कर आयुक्त जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग ने फीडबैक लिया। इस वीसी में जिला स्तर पर एडीएम भागीरथ शर्मा, सीईओ नारायण सिंह चारण, डीएफओ डाॅ ख्याति माथुर, एसई वाटरशेड भागीरथ विश्नोई और जलदाय विभाग, उपनिदेशक कृषि एवं सभी लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हुए। वीसी में इस योजना में प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की प्रगति की मोनेटरिंग के लिए आँनलाइन व्यवस्था की जानकारी राज्य स्तर से दी गई। इस अभियान में कार्यों की प्रगति की सूचना महज औपचारिक माध्यम की सूचना रह कर प्रत्येक कार्य की भौतिक प्रगति मोबाइल एप के माध्यम से इकट्ठा करने की भी व्यवस्था विकसित की गई है। जिले में प्रस्तावित कार्यों में स्थानीय पुलिस विभाग द्वारा सहभागिता निभाने एवं पुलिस विभाग के श्रमदान एवं अन्य संभव भागीदारी के लिए पहल की गई है। जिले के पुलिस अधीक्षक राजीव पचार ने चयनित क्षेत्रों से संबंधित पुलिस थाना अधिकारियों से उपयुक्त कार्य चयन करने के लिए कहा गया है। विश्नोई ने बताया कि शीघ्र ही स्थान चयन कर संभवतः किन्ही पांच गांवों में कोई पांच कार्य पुलिस विभाग अपनी सहभागिता से सम्पादित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी प्रकार सुजलाॅन एनर्जी के स्थानीय प्रतिनिधि भी अभियान अन्तर्गत चयनित क्षेत्रों में से गांव तेजुवा, पोहडा, आसदे की ढाणी देवा आदि में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी लेकर किसी एक गांव में सामुदायिक उपयोग के मुख्य कार्यों में कम्पनी की भागीदारी से कम्पनी के स्तर से निर्णय की प्रक्रिया में है।
मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2015-16 में बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्म रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत उनको आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना है। जिला कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा ने इस संबंध में राजकीय बालिका महाविद्यालय के साथ ही राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय जैसलमेर एवं पोकरण के साथ ही बड़े बड़े कस्बे नाचना, मोहनगढ़, रामगढ़ में भी बालिकाओं की आत्म रक्षा के लिए प्रशिक्षण कराने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर शर्मा ने बालिकाओं के आत्म रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन के संबंध में आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरिप्रकाश डेंडोर, प्रारंभिक प्रताप सिंह कसवा, एडीपीसी दलपत सिंह, खेल अधिकारी लक्षमण सिंह तंवर, उपनिदेशक महिला एवं बालविकास स्नेहलता चौहान, शहर कोतवाल देवीदान बारहठ, मैसर्स स्पोर्टस कंस्लटेंट के जिला र्कोडिनेटर वीरसिंह भी उपस्थित थे। खेल अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि इसके अंतर्गत जिन माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाएं है एवं महाविद्यालय की बालिकाओं को आत्म रक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। वीरसिंह ने बताया कि राजकीय बालिका महाविद्यालय में 321 एवं राबाउमा विद्यालय में 698 बालिकाओं का आत्म रक्षा प्रशिक्षण के लिए पंजीयन किया। यह प्रशिक्षण 15 फरवरी से 26 फरवरी तक दिया जाएगा। कलेक्टर ने इस प्रशिक्षण के लिए महिला कोच एवं उनके सहयोगी की व्यवस्था प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक को कहा जाए कि उनके वहां महिला एसआई एवं कांस्टेबल है तो उनको भी इस प्रशिक्षण में शामिल करावें।