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स्वर्ण मुकुट धारण पूर्णाहुति के साथ पाटोत्सव संपन्न

5 वर्ष पहले
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शक्तिपीठआशापूर्णा मन्दिर में मंदिर ट्रस्ट पाटोत्सव समिति पोकरण की ओर से मां आशापूर्णा देवी के 17 वें पाटोत्सव समारोह के अंतर्गत गत पांच दिनों से स्थानीय आशापुरा मंदिर में आयोजित किए जा रहे शतचण्डी महायज्ञ दुर्गापाठ कार्यक्रम के तहत गुरूवार को धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पांच दिनों तक चले श्रीशक्ति लक्ष्मी, शतचण्डी महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई। मां आशापूर्णा के पोकरण आगमन के अवसर पर प्रतिवर्ष माघ शुक्ला तृतीया को पाटोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसी के तहत सुबह पांच बजे आचार्य पंडित राधाकिशन व्यास के सानिध्य में मुख्य यजमान जेठमल बिस्सा ने षोडशोपचार विधि से पूजन किया तथा मन्दिर के पुजारी नखतपुरी महाराज ने प्रतिमा पर स्वर्ण वर्ग से सजावट कर देवी प्रतिमा पर स्वर्ण मुकुट चढा़या।

पूर्णाहुतियज्ञ में दी आहुति

गुरूवारकी शाम महारूद्राभिषेक के पश्चात शतचण्डी यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यजमानों द्वारा शक्तिपीठ आशापूर्णा यज्ञ परिसर में आहुति दी गई। पूर्णाहुति यज्ञ के पश्चात आयोजित महाआरती में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। शाम को महाप्रसादी का आयोजन किया गया। यज्ञ में बैठने वाले यजमान जयप्रकाश, देवीलाल, सुनील कुमार, अंकित, जितेन्द्र, सत्यनारायण, जुगलकिशोर, ललित बिस्सा, कैलाशचन्द्र पुरोहित, किशनलाल रंगा सहित कई लोगों ने भाग लिया।

रूद्राभिषेक का हुआ आयोजन

विश्वकल्याण,आपसी सदभाव, सुख-समृद्धि अमन चैन की कामना को लेकर मन्दिर प्रांगण में रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इस रूद्राभिषेक में 51 वेदपाठियों ने यजुर्वेद मंत्रोचारण के साथ भगवान शिव की आराधना की। दोपहर साढ़े बारह बजे से चार बजे तक मुख्य आचार्य पंडित व्यास गिरीराज पुरोहित के सानिध्य में रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया। मुख्य यजमान बिस्सा एवं मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहनलाल बिस्सा, पुखराज बिस्सा, श्यामसुन्दर बिस्सा, देवीलाल, ओमप्रकाश, जुगलकिशोर बिस्सा सहित कई श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिक, नंदी की पूजा अर्चना की दुग्धाभिषेक किया। पोकरण के वेदपाठी राजेश कल्ला, हरीशंकर बिस्सा, मुकेश ओझा, गिरीराज पुरोहित, राजा पुरोहित, जयप्रकाश बिस्सा, नवनारायण व्यास, कमल किशोर व्यास सहित 51 पाठियों ने एक स्वर से रूद्रपाठ किया। इस अवसर पर मन्दिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण यहां पर मेले जैसा माहौल हो गया था। शाम के समय महाआरती के बाद प्रसादी का वितरण किया गया। जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की।

मन्दिरमें की आकर्षक सजावट

पाटोत्सवके अवसर पर पूरे दिन परिसर निज मन्दिर को ओमप्रकाश माली की टीम ने आकर्षक सुगंधित पुष्पों से सजाया। जिसके कारण विभिन्न तरह से सुगंधित पुष्पों से वातावरण सुगंधित हो गया। इसी तरह मन्दिर के पृष्ठ भाग छत पर आकर्षक रोशनी की गई।

पोकरण. आशापूर्णा माता मंदिर में स्वर्ण मुकुट के साथ ही आयोजित हुआ पाटोत्सव हवन में आहुतियां देते श्रद्धालु।

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