राजकीय अस्पताल में बढ़ रहा है असामाजिक तत्वों का आतंक
शहरके राजकीय अस्पताल में उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों के सामने इन दिनों असामाजिक तत्वों की समस्या दिन दिन बढ़ती जा रही है। परिजनों के साथ होने वाली चाेरियों की वारदातों के कारण जहां एक ओर मरीजों के परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर चिकित्सालय प्रशासन द्वारा भी इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जिसके चलते इन असामाजिक तत्वों के हौसले दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले लोगों की परेशानी का फायदा उठाकर इन दिनों असामाजिक तत्व चांदी कूट रहे हैं।
नाबालिगबच्चे दे रहे हैं चोरी को अंजाम
राजकीयअस्पताल में आने वाले मरीजों के परिजन वैसे ही परेशान होते हैं। ऐसे में परेशान परिजनों को यह चोर निशाना बना रहे हैं। अस्पताल में उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों के परिजन रसीद कटवाने के लिए कतारों में खड़े रहते हैं। नाबालिग बच्चे इन परिजनों को निशाना बना कर कतारों में घुस जाते हैं तथा जेब से रुपए तथा पर्स चोरी कर लेते हैं।
^बच्चे की तबीयत खराब होने पर उपचार के लिए पोकरण अस्पताल आया था। वहीं पर्ची कटवाने के लिए कतार में खड़ा था। तभी पीछे से किसी बच्चे ने जेब में हाथ डाल पर्स पार कर दिया। जब रुपए निकालने के लिए जेब में हाथ डाला तो पर्स गायब हो चुका था। लोगों ने बताया कि कोई बच्चा पीछे खड़ा था। पूरे अस्पताल में ढूंढने पर भी वह बच्चा नहीं मिला। सुमेरसिंह,निवासी, सांकड़ा
^इसतरह की घटनाअों को लेकर नर्सिंग स्टाफ को सूचित किया गया है। साथ ही इस तरह के असामाजिक तत्वों को ध्यान में रख कर उनसे पूछताछ की जाती है। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति लगे तो उसके बारे में पुलिस को भी सूचित किया जाता है। डॉ.रघुवीरसिंह चंपावत, पीएमओ, राजकीय अस्पताल पोकरण