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जानिए, मुख्यमंत्री को किस जनप्रतिनिधि ने क्या दिए सुझाव

6 वर्ष पहले
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जनप्रतिनिधियों का सुझाव : रेलऔर सड़क सेवा में विस्तार कर दो, जनजाति क्षेत्र का हो जाएगा विकास

उदयपुर. प्री-बजट बैठक में शामिल जनप्रतिनिधि और अधिकारी।

संगमेश्वर में पुलिया बने| उदयपुरसांसद अर्जुन मीणा ने संगमेश्वर में नदी पर पुलिया बनाने का सुझाव दिया। मीणा ने कहा कि क्षेत्र का यह प्रमुख धार्मिक स्थल है,मगर बारिश के दिनों में श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। पुलिया बनने से इसका स्थाई समाधान हो सकता है।

नहरें सुधारी जाएं| बांसवाड़ा-डूंगरपुरके सांसद मान शंकर निनामा ने क्षतिग्रस्त नहरों पर कहा कि भीखा भाई नहर का पानी डूंगरपुर के टेल तक पहुंचे ऐसे उपाय किए जाए। बांसवाड़ा विधायक धनसिंह रावत ने माही का पानी नोन कमांड एरिया तक पहुंचाने के लिए लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम विकसित करने का सुझाव दिया।

सरकारी कॉलेज खोलो| विधायकश्रीचंद कृपलानी ने छोटी सादड़ी में सरकारी कॉलेज खोलने और कमलेश दोशी ने प्रतापगढ़ में गर्ल्स कॉलेज खोलने का सुझाव दिया। गोविंदसिंह ने आनंदपुरी और बागीदौरा में कॉलेज खोलने का सुझाव दिया।

पेयजल ही को बेहतर व्यवस्था| नवनीतलालनीनामा ने पीपलखूंट पंचायत क्षेत्र के गांवों में पेयजल की बेहतर व्यवस्था करने पर जोर दिया। नीनामा ने माही की क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत का भी सुझाव दिया।

ग्रीन हाउस पर सबसिडी बढ़ाओ | डूंगरपुरभाजपा जिलाध्यक्ष गुरु प्रसाद पटेल ने ग्रीन हाउस पर मिलने वाली सबसिडी घटाने से किसानों को होने वाली परेशानी बताई। सबसिडी को फिर से बढ़ाकर किसानों को राहत देने का सुझाव दिया।

डूंगरपुर को हेरिटेज सिटी बनाओ| डूंगरपुरनगर परिषद सभापति केके गुप्ता ने डूंगरपुर को हेरिटेज सिटी बनाने का सुझाव दिया। सीएम ने तर्क दिया कि पालिका अपने स्तर पर आय और संसाधन बढ़ाए, क्षेत्र के विकास की योजना बनाकर काम करे।

उदयपुर. जनजाति क्षेत्र में सबसे बड़ी जरूरत रेल और सड़क सुविधा के विस्तार की है। ये दो बड़े काम आवश्यकता अनुसार हो जाए तो क्षेत्र का विकास तेज गति से होने लगेगा। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और चित्तौड़ के जनप्रतिनिधियों और भाजपा जिलाध्यक्षों ने शनिवार को प्री बजट बैठक में मुख्यमंत्री को ये सुझाव प्रमुखता से दिए। चित्तौड़ सांसद सीपी जोशी ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए रेल और सड़क सेवा के विस्तार पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। वागड़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम मार्ग पर नई रेल लाइन डालने के काम को गति देने की पैरवी की। उनका तर्क था कि रेल सेवा शुरू होते ही वागड़ क्षेत्र में तेजी से विकास हो सकेगा। एमपी को जोड़ने वाली सड़कों की हालत भी ठीक नहीं है। आदिवासी क्षेत्र में मक्का का उत्पादन ज्यादा होता है। ऐसे में मक्का जोन विकसित कर वहां प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाए। बैठक में गढ़ी क्षेत्र की सरेरी बड़ी को पंचायत समिति का दर्जा देने और धरियावद में बायपास बनाने सहित कई अन्य सुझाव भी मुख्यमंत्री को दिए गए। इसमें बांसवाड़ा के 13 जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। बांसवाड़ा के 17 नेताओं को बुलाया था, लेकिन चार निजी पारिवारिक कारणों से नहीं आए।