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स्वाइन फ्लू : अब तक 12949 घरों का सर्वे

6 वर्ष पहले
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जिलेमें अब तक 12949 घरों का सर्वे किया जा चुका है और चिन्हित किए गए रोगियों को तुरंत प्रभाव से आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में अब तक 2 महिला रोगी स्वाइन-फ्लू पॉजीटिव मिले हैं, जिनका इलाज चल रहा है और वर्तमान में स्वास्थ्य ठीक है।

रविवार को कलेक्टर रतन लाहोटी की अध्यक्षता में स्वाइन-फ्लू से सुरक्षा के लिए जिले में चिकित्सा संस्थानों द्वारा की जा रही गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. ओपी बैरवा ने जिले में विभिन्न स्थानीय टीमों द्वारा किए जा रहे घर-घर सर्वे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में वर्तमान में स्वाइन-फ्लू के अंतर्गत कैटेगरी के 10606 केस एवं बी कैटेगरी के 71 केस चिकित्सा संस्थानों की ओपीडी के माध्यम से एवं घर-घर सर्वे द्वारा कुल 1651 केस जिनमें कैटेगरी के 1649 केस एवं बी कैटेगरी के 2 केस चिन्हित हुए हैं। इन्हें तुरंत प्रभाव से आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराते हुए उपचार किया गया। कलेक्टर रतन लाहोटी ने जिले में स्वाइन-फ्लू से संबंधित दवाओं की जिला औषधि भंडार एवं चिकित्सा संस्थानवार उपलब्धता की समीक्षा की। जिला औषध भंडार प्रभारी मनोज पासवान ने आवश्यक दवाओं के उपलब्ध होने की जानकारी दी। इसी क्रम में डीपीसी डा. चेतन जैन ने बताया कि स्वाइन-फ्लू से संबंधित दवाओं की आगामी आवश्यकता को देखते हुए जिले द्वारा की गई मांग के अनुसार सप्लाई प्राप्त हो जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि कठिन पहुंच वाले गांवों या ढाणियों में वन सुरक्षा समितियों का सहयोग भी लिया जा सकता है। सभी ब्लॉक प्रभारियों ने बताया कि छोटीसादड़ी में ही 2 मरीज कैटेगरी बी में चिन्हित हुए हैं, शेष सामान्य कैटेगरी के केस चिन्हित हुए हैं। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डा. नरेश, जिला आयुष अधिकारी डा. कौशल कुमार, जिला आयुर्वेद अधिकारी किशोर चंद पाठक, सहित करीब 30 चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी समीक्षा की

कलेक्टरने जिले में चल रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के प्रत्येक 6 सप्ताह की उम्र से 18 साल तक के बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया जा रहा है या जटिल बीमारी होने पर उन्हें उच्च संस्थान पर रैफर किया जा रहा है, की भी समीक्षा की तथा कार्यक्रम की मॉनिटरिंग के लिए जिला एवं ब्लॉक अधिकारियों को निर्देश दिए। नोडल अधिकारी डा. कौशल ने बताया कि जिले में रैफर योग्य बच्चों के लिए ब्लॉकवार कैम्पों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत सीएचसी अरनोद पर 11 फरवरी, सीएचसी छोटीसादड़ी पर 13 फरवरी, सीएचसी धरियावद पर 16 फरवरी, सीएचसी पीपलखूंट पर 23 फरवरी एवं प्रतापगढ़ में जिला चिकित्सालय में 27 फरवरी को कैम्प आयोजित होंगे।