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प्रहलाद की तरह भक्ति से होते हैं प्रभु प्रसन्न : संत शंभूराम
भक्तिएक ऐसी माला है, जिसमें आस्था विश्वास के फूल गुंथे होते हैं। आस्था के इन फूलों में भक्त के प्रेम का रस भरा होता है।
यह बात रामस्नेही संप्रदाय के भंडारी संत शंभूराम महाराज ने कहीं। वे स्थानीय रामद्वारा में चातुर्मास के निमित आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव में मंगलवार को प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई प्रार्थनाओं, पुकार प्रभु जल्दी सुनते हैं। प्रेम से भरी भावनाओं से ओत-प्रोत भक्ति से ही भक्त की जिंदगी खुशियों से निहाल हो जाती है। धर्म परंपराओं में देवी-देवताओं को चढ़ाई जाने वाली पूजा सामग्रियों में फूल अर्पित करने से भी भगवान प्रसन्न होते हैं। मनुष्य यदि प्रहलाद की तरह सच्ची भक्ति करें तो प्रभु खंभे से भी प्रकट हो जाते है। कथा के दौरान नृसिंह अवतार हिरण्यकश्पक की कथा का मंचन किया गया।
प्रतापगढ़. रामद्वारामें भागवत कथा सुनती महिलाएं। इनसेटमेंनरसिंह अवतार की झांकी का मंचन।