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भगवान भक्तों के रोग-शोक दूर करते हैं : संत शंभूराम
भगवानसमस्त लोकों के एकमात्र स्वामी हैं। आपके लिए यह कोई नई बात नहीं कि वे अपने भक्त जनों से प्रेम करते हैं और दुष्टों को दंड देते हैं। अज्ञानियों में रहने वाले शोक, मोह, स्नेह और भय को वे दूर करते हैं।
यह बात राम स्नेही संप्रदाय भंडारी संत शंभूराम महाराज ने कहीं। वे स्थानीय रामद्वारा में चल रहे चातुर्मास प्रवचन माला के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव में प्रवचन दे रहे थे। जब मनुष्य स्वप्न देखने लगता है, तो उस समय स्वप्न के मिथ्या पदार्थ को ही सत्य समझ लेता है। जो भगवान में अपना मन लगाकर चित्त को एकाग्र कर भगवान के गुणों का श्रवण करता है, वह अपनी इच्छानुसार जीने का सार्मथ्य प्राप्त कर लेता है।
जब विचारशील पुरुष प्रभु की उपासना करता है और योग धारणा द्वारा प्रभु का चिंतन करता है, उसे सभी सिद्धियां पूर्णत: प्राप्त हो जाती हैं। कथा के दौरान कृष्ण लीलाओं और कंस वध का कलाकारों द्वारा मार्मिक मंचन किया गया। कथा के दौरान छप्पन भोग की झांकी धराए गई।
प्रतापगढ़. रामद्वारामें चल रही भागवत कथा में कंस वध की झांकी का मंचन करते कलाकार।
प्रतापगढ. रामद्वारामें चल रही भागवत कथा सुनती महिलाएं।