82 फीसदी अभ्यर्थी पहुंचे परीक्षा देने, 1244 रहे अनुपस्थित
जेल से आरोपी पहुंचा परीक्षा देने
राजस्थानअधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की ओर से शनिवार को प्रतापगढ़ जिले में 27 केंद्रों पर पटवार भर्ती परीक्षा हुई। जिसमें 82.3 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। यहां कुल नामांकित 7028 में से 5784 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) डॉ. शांतिलाल शर्मा ने बताया कि प्रतापगढ़ शहर में 19, छोटी सादड़ी कस्बे में तीन तथा अरनोद, धमोतर, अवलेश्वर, रठांजना थड़ा में एक एक केंद्र पर शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा हुई।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव की अगुवाई में अधिकारियों ने दिनभर परीक्षा व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। नकल या अन्य किसी गड़बड़ी से बचने के लिए सेवा चयन बोर्ड के निर्देशों की सख्ती से पालन करते हुए विशेष सावधानी बरती गई। अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
छोटीसादड़ी : डीएम ने किया निरीक्षण
प्रतापगढ : अभ्यर्थियों की भीड़
छोटीसादड़ी : तीन केंद्रों पर 936 में से 726 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी
मारपीट के आरोप में बांसवाड़ा जिला कारागार में तीन माह से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा गढ़ी निवासी हितेश कुमार खांट को पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षा देने लाया गया। हितेश ने बालिका सेंटर पर पटवारी की परीक्षा दी। परीक्षा के समय उसके साथ चालानी गार्ड देशराज चौधरी और भोमसिंह मौजूद रहे। इस दौरान उसने जेल में ही परीक्षा की तैयारी की थी।
भास्कर न्यूज. छोटीसादड़ी
छोटीसादड़ीउपखंड मुख्यालय पर बनाए गए तीन केंद्रों पर कुल 936 में से 726 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। नगर में बनाए गए तीन केंद्रों गुलाबचंद मेवाड़ी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरीश आंजना राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमशः 360 में से 292, 360 में से 270 216 में से 164 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे।
उड़नदस्ते ने किया निरीक्षण : तीनोंकेंद्रों में हुई परीक्षा के लिए बनाए गए उड़न दस्ते में शामिल एसडीएम वंदना खोरवाल, डीएसपी ओपी उपाध्याय, सुरेश खींची आदि ने केंद्रों में जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान खोरवाल ने कमरों में परीक्षार्थियों के पास जाकर आईडी आदि की जांच की। केंद्राधीक्षकों को दिशा-निर्देश दिए।
6 सतर्कता दल की निगरानी में हुई परीक्षा
आरपीएसअधिकारियों की अगुवाई में पुलिस के छह सतर्कता दल तथा प्रतापगढ़ शहर में चार पुलिस मोबाइल टीमों ने व्यवस्था संभाली। महिला अभ्यर्थियों वाले केंद्रों पर महिला कांस्टेबल तैनात थी। प्रतापगढ़ शहर के बाहर के केंद्रों पर संबंधित थाना प्रभारियों ने व्यवस्थाओं को अंजाम दिया। नगर परिषद की ओर से अभ्यर्थियों के ठहरने के लिए सुखाड़िया स्टेडियम में अस्थाई आवास व्यवस्था की गई, जिससे अभ्यर्थियों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ा।
कईमहिला अभ्यर्थी नही दे पाई परीक्षा
प्रतापगढ़जिले की कई महिला अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र बांसवाड़ा के दूर-दराज के गांवों में होने से संसाधनों के अभाव में परीक्षा देने नहीं जा पाई। शिखा पुरोहित का कहना था कि पटवार परीक्षा के लिए साल भर तैयारी की लेकिन परीक्षा सेंटर बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में आने से परीक्षा नहीं दे पाई। बांसवाड़ा से भी 50 किमी दूर सेंटर होने और बच्चा छोटा होने से इतनी दूर जाना मुश्किल था। इसी तरह की कई महिला अभ्यर्थियों के परीक्षा से वंचित रहने से परिजनों ने रोष जताया।
प्रतापगढ परीक्षा के बाद चर्चा करते परीक्षार्थी। बालिका विद्यालय में पटवार परीक्षा में केंद्र बाहर खुलवाए गए अभ्यर्थियों के बेल्ट जूते-मोजे।
प्रतापगढ परीक्षा के पहले अपने गहने खुलवाती महिला अभ्यर्थी।
छोटीसादड़ी| गुलाबचंदमेवाड़ी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जब बांसवाड़ा के एमएससी पास सन्नी सुमेल नामक अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचा तो उसके पास ऑरिजनल आईडी प्रूफ नहीं होने से परीक्षा देने से रोक लिया गया। सुमेल का कहना था कि बांसवाड़ा से आते समय रास्ते में पर्स कहीं निकल गया है। उसने घर से वॉट्स पर आधार कार्ड भी मंगवाया, लेकिन केंद्राधीक्षक नहीं माने। हर तरफ से निराश हो परीक्षा देने की उम्मीद टूटती देख सुमेल की आंखों से आंसू निकल आए। बाद में उसके मित्र पटवारी कमलेश मेनारिया ने ईमित्र केंद्र पर जाकर मूल आधार कार्ड निकलवाया, तब जाकर वह परीक्षा दे पाया।